अंबेडकर पर गर्माई सियासत AK और नीतीश ने किया PM मोदी पर हमला
संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की 125वीं जयंती के अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी जन्स्थली पर बने स्मारक में आज श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।

नई दिल्ली: संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की 125वीं जयंती के अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी जन्स्थली पर बने स्मारक में आज श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इसके साथ ही, वह अम्बेडकर जन्मस्थली पहुंचने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री बन गए। जहां एक ओर पीएम मोदी ने महू पहुंचकर देश के संविधान निर्माता बी आर अंबेडकर को याद किया वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री के आड़े हाथों लिया।
अंबेडकर की बात करने के लिए वेमुला को आत्महत्या करने पर मजबूर किया गया: केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने गुरुवार को दावा किया कि रोहित वेमुला को छात्रों के बीच बी आर अंबेडकर की बात करने के लिए आत्महत्या करने पर मजबूर किया गया। उन्होंने साथ ही घटना के लिए जिम्मेदार दो मंत्रियों को बर्खास्त करने की भी मांग की। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी हमला करते हुए पूछा कि क्या अंबेडकर की तस्वीरों पर माल्यार्पण करने भर से दलित नेता के सपने पूरे हो जाएंगे और कहा कि देश में अभिव्यक्ति की कोई आजादी नहीं है। उन्होंने कहा, वेमुला को छात्रों में बाबासाहब की बात करने के लिए आत्महत्या करने पर मजबूर किया गया।
सांवैधानिक पदों पर बैठे लोग उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे जिन्होंने रोहित को आत्महत्या के लिए मजबूर किया? क्या प्रधानमंत्री के महू जाकर उनकी (अंबेडकर) तस्वीर पर माल्यार्पण करने से बाबासाहब के सपने पूरे हो जाएंगे? मुख्यमंत्री ने कहा, बाबासाहब ने तीन शब्द दिए थे- स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा। वे कहते हैं कि कश्मीर में भारत माता की जय का नारा मत लगाइए और बाकी देश में जो यह नारा नहीं लगाता उन्हें पीटते हैं। देश में अभिव्यक्ति की कोई आजादी नहीं है। कोई समानता नहीं है। कोई भाईचारा नहीं है। वे एक को देशभक्त कहते हैं और दूसरे को राष्ट्रविरोधी, एक को कश्मीरी दूसरे को गैर कश्मीरी, एक को जेएनयू वाला और दूसरे को गैर जेएनयू वाला।
नीतीश ने भाजपा और आरएसएस की दलितों के प्रति विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़ा किया
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा और आरएसएस की दलितों के प्रति विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि वे अंबेडकर का नाम तो लेते हैं, मगर उनके सारे आचरण उनके विचारों के विरुद्ध हैं। संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर जदयू द्वारा पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित संविधान बचाओ दिवस को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि अम्बेडकर ने अपने समय में व्याप्त छुआ-छूत, उंच-नीच, जात-पात आदि विभिन्न प्रकार की असमानताओं और भेदभाव को झेलते हुए एकदम विपरीत परिस्थितियों में ग्यान अर्जित कर अपना स्थान बनाया था।
उन्होंने कहा कि आज संविधान से लोगों को न्याय, सम्मान, लोकतंत्र समानता आदि के जो अधिकार प्राप्त हैं, यह अम्बेडकर की ही देन है, मगर ये अधिकार आज खतरे में है। देश के केन्द्रीय विश्वविद्यालय में दलित छात्र आत्महत्या को मजबूर हैं। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश ने केंद्र में भाजपा नीत नरेंद्र मोदी सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि सबका साथ, सबका विकास का नारा लगाने वाली पार्टी सत्ता में आते ही घर वापसी, लव जिहाद, गौमाता, देशभक्ति, देशद्रोह जैसे अभियान में लग गई है।