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अब एम्स में लाइन लगाने से मिलेगा छुटकारा

नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज कराने के लिए ओपीडी (आउट पेशंट डिपार्टमेंट) कार्ड बनवाने की लड़ाई से छुटकारा मिलने वाला है। अब मरीजों को रात में ही अस्पताल पहुंचकर लाइन में

एम्स में लाइन लगाने की...- India TV Hindi
एम्स में लाइन लगाने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज कराने के लिए ओपीडी (आउट पेशंट डिपार्टमेंट) कार्ड बनवाने की लड़ाई से छुटकारा मिलने वाला है। अब मरीजों को रात में ही अस्पताल पहुंचकर लाइन में खड़े रहने और फिर सुबह काउंटर खुलने का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मरीज ऑनलाइन ओपीडी कार्ड बनाकर आराम से इलाज करा पाएंगे। 15 मई से इस सुविधा की शुरुआत की जाएगी। इससे दिल्ली-एनसीआर के अलावा दूसरे राज्यों से यहां पहुंचने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं एम्स के मरीजों को एक आधार नंबर से भी जोड़ा जाएगा। आधार नंबर से मरीज आसानी से ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट व ओपीडी कार्ड बना सकते हैं।

एम्स में प्रतिदिन करीब 10 हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से ज्यादातर दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड से आते हैं। मरीजों के अत्यधिक दबाव के चलते रात तीन बजे से ही ओपीडी कार्ड के लिए काउंटर के पास मरीज लाइन में लग जाते हैं और सुबह 8.30 बजे तक उसके खुलने का इंतजार करते हैं। भीड़ के चलते ओपीडी कार्ड बनाने में कई बार भ्रष्टाचार की बात भी सामने आई है। ऐसे में इलाज से पहले मरीजों को शारीरिक व मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है।

ऑनलाइन भी कटा सकेंगे पर्ची

ओपीडी कार्ड बनाने के लिए 10 रुपये भुगतान करना पड़ता है। एम्स की वेबसाइट के पेशेंट पोर्टल पर जाकर डेबिट व क्रेडिट कार्ड के जरिये 10 रुपये का भुगतान कर पर्ची कटा सकेंगे। इस तरह अपना ओपीडी कार्ड बनवा पाएंगे। एम्स आईटी अध्यक्ष डॉ. दीपक अग्रवाल ने कहा कि ऑनलाइन ओपीडी कार्ड बनाने के बाद मरीज सीधे डॉक्टर के कमरे में जाकर इलाज करा पाएंगे।

आधार नंबर से लें अप्वाइंटमेंट

ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट के लिए मरीजों को अपना नाम, पता व मोबाइल नंबर का ब्योरा देना पड़ता है, जिसके कारण काफी समय से गुजरना पड़ता है। लेकिन मरीज अब आधार नंबर के जरिए ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट ले सकेंगे। मरीज का आधार नंबर डालने पर उसका पूरा ब्योरा खुद सामने आ जाएगा। उसे भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे समय की बचत होगी। ट्रायल के रूप में इसे दो दिन पहले शुरू किया गया है।

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