नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रेडियोएक्टिव पदार्थ के लीक होने की खबर से आज सुबह हड़कंप मच गया तभी NDRF और वैज्ञानिकों की टीम तत्काल मौक़े पर पहुंची और लीकेज को फैलने से रोक लिया गया। लेकिन परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) और दिल्ली सरकार ने इस पर ये कहा कि एयरपोर्ट पर कोई रेडियोएक्टिव लीक नहीं हुआ है।
विनाइल पायरोडाइन नाम का जो पदार्थ लीक हुआ था वह रेडियोएक्टिव नहीं है। एईआरबी उपाध्यक्ष आर भट्टाचार्य ने कहा, 'घटनास्थल पर जांच के बाद हम पुष्टि कर सकते हैं कि कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ। एक खेप पर रिसाव दूसरे खेप से हुआ था। यह कोई जैविक द्रव था। इससे (तुर्की खेप) गीला हो गया।'
एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने इस रिसाव के बाद मालवाहक क्षेत्र की घेराबंद कर दी और सभी कर्मचारियों को वहां से हटा लिया गया। मालवाहक संचालन एहतियात के तौर पर कुछ देर के लिए रोक दिया गया।
यह मामला तब सामने आया है जब एयरपोर्ट के माल क्षेत्र में सुबह करीब चार बजकर 35 मिनट पर ढुलाईकर्मियों को तुर्की एयरलाइंस के कंटनेरों को उतारने के दौरान जलन होने लगी। 13-13 किलोग्राम के दस कंटेनरों में चार से रिसाव नजर आया। ये कंटेनर तुर्की से लाए गए थे।
यह लीकेज दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कार्गो एरिया में एक छोटे से हिस्से हुई, जिसे तत्काल ही सील कर दिया गया। दो कार्गो कर्मचारियों को अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने आंखों से पानी आने की शिकायत की थी। हालांकि जांच में उन पर रेडियेशन का कोई असर नहीं पाया गया और बाद में उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।
वहीं अधिकारियों के मुताबिक चिंता करने जैसी कोई बात नहीं है। एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।
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