श्रीनगर: कश्मीर घाटी में कर्फ्यू में ढील की अटकलों के बीच राज्य पुलिस के प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि अगले आदेश तक प्रतिबंध सख्ती के साथ लागू रहेगा। पुलिस का यह ताजा आदेश तब आया जब अलगाववादियों ने कश्मीरियों से अपनी दुकानें खोलने और जरूरी सामान एकत्र कर लेने को कहा। ऐसा तब हुआ जब पुलिस ने दोपहर बाद दो बजे से अस्थायी तौर पर कर्फ्यू में ढील दी। इस ढील से यह अफवाह फैली कि सरकार कर्फ्यू के प्रतिबंधों में ढील देगी। इससे पहले प्रशासन ने गुरुवार को पूरी घाटी में दोपहर के वक्त कर्फ्यू में ढील देने का फैसला किया था, ताकि लोग जरूरत का सामान ले सकें। लेकिन पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, "पूरी कश्मीर घाटी में कर्फ्यू एवं प्रतिबंधों में कोई रियायत नहीं की दी जाएगी।"
श्रीनगर में पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी बढ़ा दी गई और जिन इलाकों में पिछले कुछ दिनों में थोड़ी नरमी की गई थी वे फिर सख्त कर्फ्यू के दायरे में आ गए हैं। लालचौक और आसपास के इलाकों में कुछ दुकानदार पोलो व्यू, लामबर्ट लेन और रेजिडेंसी रोड बाजार में दोपहर दो बजे के बाद अपनी दुकानें खोलने के लिए जुटे थे। हालांकि पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। पुलिस ने लालचौक पर आने वाले सारे रास्ते बंद कर दिए हैं।
प्रशासन ने गुरुवार को चार जिलों गांदेरबल, बांदीपोरा, बडगाम और बारामूला में स्कूल खोलने का फैसला किया है। घाटी में 10 जिले हैं। हालांकि अधिकांश स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बहुत कम रही या कोई नहीं आया। उधर अलगाववादियों ने एक बार फिर शुक्रवार से सोमवार तक बंद का आह्वान किया है। घाटी में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी और उसके दो सहयोगियों की सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के एक दिन बाद 9 जुलाई से शुरू हुए हिंसा प्रदर्शन के बाद पिछले 13 दिनों से कर्फ्यू लागू है।
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