1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. लापता विमान का कोई संकेत नहीं, ढूंढने में लग सकता है लंबा समय

लापता विमान का कोई संकेत नहीं, ढूंढने में लग सकता है लंबा समय

भारतीय वायुसेना के शुक्रवार को लापता हुए परिवहन विमान का पता रविवार को भी नहीं चल सका। विमान में 29 लोग थे।

Missing Plane- India TV Hindi
Image Source : PTI Missing Plane

चेन्नई/नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के शुक्रवार को लापता हुए परिवहन विमान का पता रविवार को भी नहीं चल सका। विमान में 29 लोग थे। इसका पता लगाने में जुटी भारतीय नौसेना ने रविवार को कहा कि उसने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से इलाके की सेटेलाइट तस्वीरें मांगीं हैं। नौसेना ने विमान की खोज में एक पनडुब्बी सहित जहाजों का पूरा बेड़ा लगा दिया है। दो दिन पहले चेन्नई से उड़ान भरने के आधे घंटे बाद बंगाल की खाड़ी के ऊपर से उड़ते हुए एएन-32 विमान अचानक रडार से गायब हो गया था।

अधिकारियों ने कहा, विमान या इसके किसी मलबे का कोई संकेत नहीं मिला है। नौसेना की पूर्वी कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल एच. सी. एस. बिष्ट ने कहा, "बड़ी संख्या में पोत, हेलीकॉप्टर, विमान इस तलाशी में योगदान कर रहे हैं।"

बिष्ट ने कहा, "हम लोग इलाके की सेटेलाइट तस्वीर के लिए इसरो की मदद ले रहे हैं ताकि हमारे पास कम से कम कुछ सूचना हो..इसके साथ साथ हम लोग परिवारों से भी संपर्क कर रहे हैं।" भारतीय रक्षा बल के एक अनुभवी पायलट ने कहा, "सामान्य तौर पर ऐसे मामलों में मलबे को सतह पर आने में एक हफ्ते लग जाता है, लेकिन तलाशी और बचाव अभियान को चलाते रहना चाहिए।"

उसके अनुसार, यदि विमान कई टुकड़ों में टूट गया होगा तो तब हो सकता है कि कुछ मलबा तैर रहा हो। लेकिन, यदि वह बगैर टूटे समुद्र में गिरा होगा तो समुद्र की गहराई से उसकी कुछ चीजों के सतह पर आने में एक हफ्ते लग सकता है। इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इंफॉर्मेशन सर्विसेज (आईएनसीओआईएस) के इंफार्मेशन सर्विसेज ग्रुप प्रमुख टी.एम. बालाकृष्णन नायर ने बताया, "गणना के मुताबिक जिन इलाकों में तलाश की जा रही है, उनमें समुद्र की गहराई करीब 3500 मीटर है।"

उन्होंने कहा कि बंगाल की खाड़ी में बहुत सारे भंवर हैं जो हो सकता है कि मलबे को अंदर लेते गए हों। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने शनिवार को तलाशी एवं बचाव अभियान की समीक्षा के बाद कमांडिंग अफसरों को लापता विमान में सवार लोगों के परिजनों के संपर्क में रहने को कहा। बिष्ट ने कहा कि समुद्र पर मानसूनी मौसम की स्थितियों के कारण तलाशी अभियान मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा कि हमें एकमात्र चुनौती जो मिल रही है वह मानसून की वजह से समुद्र का खराब मौसम और दूसरी चुनौती उसकी गहराई है जो कुछ स्थानों पर तो 3500 मीटर से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में बादल बहुत नीचे हैं और लगातार बारिश हो रही है।

बिष्ट ने कहा कि हम लोग इलाके में लगातार तलाश कर रहे हैं। अब तक हमारे 12 पोत इस कार्य में लगे हैं। लगातार हवाई निगरानी भी की जा रही है। मकसद जितने संसाधन संभव हैं, उनका इस्तेमाल करना है। लापता विमान ने चेन्नई स्थित वायुसेना के तांबारम हवाई अड्डे से सुबह 8.30 बजे उड़ान भरी थी। उसके अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर में 11.30 बजे पहुंचने की उम्मीद थी।

चेन्नई स्थित एयर ट्रैफिक रडार से पता चलता है कि आखिरी बार उसे चेन्नई से करीब 280 किलोमीटर पूर्व में देखा गया था। तब वह बाईं ओर मुड़ गया था और 23 हजार फीट की ऊंचाई से वह काफी नीचे आ गया था। एएन-32 रूस निर्मित दो इंजनों वाला विमान है। यह अधिकतम 6.7 टन वजन या 39 पैराट्रपर्स को ले जा सकता है। इसकी अधिकतम गति 530 किलोमीटर प्रति घंटे है।

Latest India News