नई दिल्ली: चौरतरफा दबाव के बाद सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि कोष (EPF) निकालने पर टैक्स लगाने के प्रस्ताव को वापस लेने की घोषणा की है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को लोकसभा में अपने बयान में कहा, हमें मिले कई ज्ञापनों के मद्देनजर सरकार इस प्रस्ताव की समग्र समीक्षा करना चाहती है। वित्त मंत्री ने बजट में पीएफ का पैसा निकालने पर 60 फीसदी रकम (इंट्रेस्ट) पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया था। कर्मचारी वर्ग समेत पूरे विपक्ष की तरफ से इस प्रस्ताव को लेकर कड़ा विरोध को देखते हुए प्रस्ताव वापस लिया गया है।
अरूण जेटली ने प्रस्ताव लिया वापस
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने मंगलवार को लोकसभा में स्वत: संग्यान लेते हुए दिए अपने बयान में कहा, हमें मिले कई ग्यापनों के मद्देनजर सरकार इस प्रस्ताव की समग्र समीक्षा करना चाहती है और इसलिए इस प्रस्ताव को वापस लेती है। उन्होंने हालांकि कहा कि राष्ट्रीय पेंशन योजना से जुड़े लोगों को राशि निकालने के समय 40 फीसदी की छूट बनी रहेगी। अपने बजट प्रस्ताव में जेटली ने प्रस्ताव किया था कि ईपीएफ की 40 फीसदी राशि निकालना टैक्स फ्री होगा और शेष 60 राशि भी इसी श्रेणी में आएगी अगर उसे पेंशन योजना में निवेश किया जाता है।
सरकार ने इसलिए किया था प्रस्ताव
वित्त मंत्रालय के अनुसार इस टैक्स का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों का रिटायरमेंट प्लान में इनवेस्टमेंट बढ़ाना है। मंत्रालय के अनुसार टैक्स लगने से लोग पेंशन प्लान में इनवेस्ट करेंगे, न कि पूरा पैसा निकालकर उसे अपनी जरूरतों के ऊपर खर्च करेंगे। सरकार का उद्देश्य पीएफ पर टैक्स से रेवेन्यू हासिल करने के साथ-साथ एनपीएस जैसे पेंशन फंड में इन्वेस्टमेंट को प्रमोट करना था।
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