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द अमेरिकन मेडिकल एसोसियेशन की 1999 की रिपोर्ट के अनुसार "वास्तव में विशेषता समितियों और चिकित्सीय संस्थाओं के सभी वर्तमान नीति दस्तावेज नियमित नवजात खतने की अनुशंसा नहीं करते और अभिभावकों को अचूक व पक्षपातरहित जानकारी प्रदान किये जाने का समर्थन करते हैं, ताकि वे अपने चयन की सूचना दे सकें।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (2007), एचआईवी/एड्स पर जॉइन्ट यूनाईटेड नेशन्स प्रोग्राम (UNAIDS; 2007) और सेंटर्स फॉर डिसीज़ कण्ट्रोल एण्ड प्रीवेंशन (सीडीसी; 2008) के अनुसार ये बात प्रमाणिक रुप से साबित हो चुकी है कि ख़तना से एचआईवी का ख़तरा कम हो जाता है हालंकि ख़तना एड्स से केवल आंशिक सुरक्षा प्रदान करती है और इसे एचआईवी के प्रसार को रोकने के लिये प्रयुक्त अन्य अवरोधों के विकल्प के रूप में प्रयोग नहीं किया जाना चाहिये।
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