भुवनेश्वर: भारत ने ओडिशा के समुद्र तट से नौसेना के एक जहाज से परमाणु सक्षम धनुष बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जो 350 किलोमीटर दूर तक मार कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, सतह से सतह पर मार करने वाली धनुष मिसाइल का परीक्षण बंगाल की खाड़ी में आईएनएस सुभद्रा से किया गया।
यह भारत की घरेलू तकनीक से निर्मित पृथ्वी मिसाइल का नौसैनिक संस्करण है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक वैज्ञानिक ने कहा कि यह परीक्षण सफल रहा क्योंकि मिसाइल अत्यंत सटीकता के साथ लक्ष्य को भेद सकी।
सूत्रों के मुताबिक, धनुष मिसाइल में 500 किलोग्राम परंपरागत और परमाणु मुखास्त्र ले जाने की क्षमता है और यह जमीन और समुद्र दोनों जगहों पर लक्ष्यों को भेद सकती है। इसे पहले ही सशस्त्र बलों में शामिल किया जा चुका है।
इससे पहले भारत ने 9 नवंबर को परमाणु सक्षम सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल अगिन-4 का सफल प्रायोगिक परीक्षण किया था। यह चार हजार किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सेना के सामरिक बल कमान ने ओडिशा तट के ए.पी.जे.अब्दुल कलाम द्वीप से मिसाइल का परीक्षण किया था।
अपने तरह की यह पहली मिसाइल है, जो मिसाइल प्रौद्योगिकी में क्वांटर लीप का प्रतिनिधित्व करता है। मिसाइल वजन में हलका और इसमें दो चरण के ठोस प्रणोदन और री-इंट्री हीट शिल्ड लगे हैं। डीआरडीओ के सूत्रों ने कहा कि यह पांचवीं पीढ़ी के कंप्यूटर से सुसज्जित है। इसकी सबसे बड़ी खासियत किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर अपने पथ में स्वत: सुधार लाने की क्षमता है।
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