नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने एक डॉक्टर की शिकायत के बाद तिहाड़ जेल के अस्पताल में तैनात 26 महिला नर्सों का तबादला किया। महिला डॉक्टर ने शिकायत की थी कि एक कैदी ने उससे छेड़छाड़ की थी। हालांकि यह फैसला नर्सों को रास नहीं आया और उन्होंने तबादला निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि अगर वे दक्षिण एशिया के सबसे बड़े जेल परिसर में से एक में सुरक्षित नहीं हैं तो वे कहां सुरक्षित रहेंगी। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने तिहाड़ की स्वास्थ्य सेवा में तैनात 26 महिला नर्सों का तबादला दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में कर दिया। अधीक्षक (एचआर नर्सिंग) द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया कि इन नर्सों की जगह दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के 26 पुरूष नर्स लेंगे।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया जब एक महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि जेल अस्पताल में एक दोषी ने उससे छेड़छाड़ की। हालांकि तिहाड़ में तैनात महिला नर्सों ने सरकार के इस कदम की आलोचना की और कहा कि अगर वे दक्षिण एशिया के सबसे बड़े जेल परिसर में से एक में सुरक्षित नहीं हैं तो वे कहां सुरक्षित रहेंगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में नर्सों ने मांग की कि तबादला आदेश निरस्त होना चाहिए। पत्र में कहा गया, ऐसे समय जब हर कोई महिला सशक्तिकरण की बात कर रहा है, इस तरह के कदम उनके भरोसा को हिला देंगे और वे उन पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ कभी खड़ी नहीं हो पाएंगी।
एक वरिष्ठ नर्स ने कहा, महिला नर्सों का तबादला कोई समाधान नहीं है। सुरक्षा मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इस तरह के कदमों से वह अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। तिहाड़ जेल में डाक्टरों और नर्सों सहित महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर हाल में उस समय सवाल खड़े हुए थे जब वहां काम करने वाली एक डॉक्टर ने दिल्ली महिला आयोग में आवेदन देकर एक कैदी के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
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