नई दिल्ली: विपक्षी पार्टियों ने यमुना के किनारे आयोजित होने वाले 'आर्ट ऑफ लीविंग' के तीन दिवसीय विश्व सांस्कृति महोत्सव में सेना के इस्तेमाल पर बुधवार को राज्यसभा में केंद्र सरकार को घेरा। जनता दल (जद-यू) के नेता शरद यादव और राज्यसभा के अन्य सदस्यों ने शून्यकाल के दौरान सदन में यह मुद्दा उठाया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि एक निजी कार्यक्रम के लिए भारतीय सेना के जवानों की सेवा लिया जाना पूरी तरह गलत और नियमों के विरुद्ध है।
इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सेना की तैनाती सुरक्षा कारणों से की गई है। उन्होंने कहा, "हम ऐसे समय में इस पर चर्चा कर रहे हैं, जब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल मामले की सुनवाई कर रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि चाहे गंगा की बात हो या फिर यमुना की, सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नकवी ने यह भी कहा, "आयोजकों की मंशा पर संदेह करना ठीक नहीं है।"
विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वह समारोह को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि दिल्ली पुलिस ने भी सुरक्षा को लेकर चिताएं जताई है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि ट्रिब्यूनल की सुनवाई के दौरान इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाना सही नहीं है। जेटली ने कहा, "नियम 69 में यह स्पष्ट किया गया है कि जब किसी मामले की सुनवाई ट्रिब्यूनल में हो रही हो तो इसे सदन में नहीं उठाया जा सकता।" उनकी इस दलील से हालांकि विपक्ष के सदस्य संतुष्ट नहीं हो पाए।
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