ऐसा रहा दिवंगत कांग्रेस नेता ऑस्कर फर्नांडिस का राजनीतिक सफर, कई नेताओं ने जताया दुख
कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री ऑस्कर फर्नांडिस के निधन पर दुख जताया और पार्टी के लिए उनके योगदान को याद किया। कांग्रेस ने ट्वीट कर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऑस्कर फर्नांडिस के निधन की जानकारी दी।

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ऑस्कर फर्नांडिस का सोमवार को 80 साल की उम्र में निधन हो गया। ऑस्कर फर्नांडिस के योग करने के दौरान गिरने से सिर पर गंभीर चोट लगी थी। जानकारी के मुताबिक, ऑस्कर फर्नांडिस का मेंगलुरु के अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने आज अंतिम सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऑस्कर फर्नांडिस के निधन पर दुख जताया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
जानिए ऑस्कर फर्नांडिस के बारे में
ऑस्कर फर्नांडिस का जन्म 27 मार्च 1941 को कर्नाटक के उडुप्पी में रॉक फर्नांडीस (Roque Fernandes)के घर हुआ था। इनके पिता उडुपी को बोर्ड हाईस्कूल के हेडमास्टर थे। इनकी मां लियोनिसा फर्नांडीस अविभाजित दक्षिण कनारा जिले की प्रथम महिला बेंच मजिस्ट्रेट) थीं। ऑस्कर की एजुकेशन सेंट सेसिल्स कॉन्वेंट स्कूल और उडुपी के बोर्ड हाईस्कूल में हुई।
अपनी पहली जॉब एलआईसी के साथ शुरू की
ऑस्कर फर्नांडिस ने अपनी पहली जॉब एलआईसी के साथ शुरू की। इसके बाद बिजनेस भी किया। ऑस्कर एक प्रगतिशील किसान भी रहे। इन्होंने अपने घर के नजदीक अंबालपडी में लीज पर खेती की जमीन ली, इसमें चावल उगाए। इसमें इन्हें मणिपाल के सिंडीकेट कृषि फाउंडेशन ने बेस्ट राइस ग्रोवर का अवार्ड दिया था।
जानिए ऑस्कर फर्नांडीस का राजनीतिक सफर
ऑस्कर फर्नांडीस सोनिया और राहुल गांधी के काफी करीबी माने जाते थे। उन्होंने 1996 में कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के तौर पर काम किया। 1980 के आखिर में वे कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने। ऑस्कर फर्नांडीस पहली बार 1980 में कर्नाटक की उडप्पी लोकसभा सीट से 7वीं लोकसभा के लिए सांसद चुने गए थे। ऑस्कर 1984, 1989, 1991 और 1996 में लोकसभा के लिए फिर से चुने गए। साल 1998 में कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया था। 2004 में उन्हें राज्यसभा के लिए फिर से चुना गया। 2004 से 2009 तक वे एनआरआई मामलों, युवा और खेल मामलों, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन और श्रम और रोजगार जैसे विभागों के मंत्री रहे। ऑस्कर ने 1972 से 1976 तक उडुपी में नगर परिषद के सदस्य के रूप में भी काम किया।
सोनिया और राहुल गांधी के करीबी माने जाते थे ऑस्कर फर्नांडिस
ऑस्कर फर्नांडिस यूपीए सरकार में सड़क एवं परिवहन, श्रम एवं रोजगार मंत्री भी रह चुके हैं। अभी भी वह राज्यसभा सांसद थे। ऑस्कर फर्नांडिस राहुल गांधी और सोनिया गांधी के करीबियों में माने जाते थे। इसके अलावा वह दिवंगत पूर्व पीएम राजीव गांधी के संसदीय सचिव भी रह चुके हैं।
ऑस्कर एक हरफनमौला व्यक्ति थे
ऑस्कर एक हरफनमौला व्यक्ति थे। वे कबड्डी, वॉलीबॉल, तैराकी और गाने के शौकीन थे। उन्होंने योगा का अभ्यास किया और कई जगहों पर इसका प्रदर्शन भी किया। वह एक 'कुचिपुड़ी' नर्तक थे, जिसे उन्होंने दिल्ली में सीखा था। वे बचपन से ही माउथ ऑर्गन बजाया करते थे। राजनीति में सक्रिय रूप से शामिल होने से पहले ऑस्कर हारमोनियम, कीबोर्ड, तबला बजाते थे और कविताएं लिखते थे। वह एक गायक भी थे। जब भी समय मिलता वह चर्च जाकर गाना-बजाना करते थे।
कांग्रेस नेताओं ने ऑस्कर फ़र्नांडिस के निधन पर दुख जताया
कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री ऑस्कर फर्नांडिस के निधन पर दुख जताया और पार्टी के लिए उनके योगदान को याद किया। कांग्रेस ने ट्वीट कर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऑस्कर फर्नांडिस के निधन की जानकारी दी। कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने ट्वीट किया, "कांग्रेस के कद्दावर नेता ऑस्कर फर्नांडिस के निधन से बहुत दुखी हूं। उन्होंने पार्टी और देश की बेहतरी के लिए बहुत योगदान दिया। उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना है।"
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, " ऑस्कर फर्नांडिस एक मार्गदर्शक और संगठन निर्माता थे। उनके जाने से कांग्रेस की बहुत बड़ी क्षति हुई है। शायद उनके जैसा कभी दूसरा कोई नहीं होगा।" कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि देश ने एक बड़ा नेता और पार्टी ने संकट मोचक खो दिया है। पार्टी के कई अन्य नेताओं ने भी दुख जताया।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने फर्नांडिस के निधन पर दुख जताते हुए ट्वीट किया, "वरिष्ठ नेता,पूर्व केंद्रीय मंत्री, सादगी की मिसाल ऑस्कर फर्नांडिस जी का निधन सामाजिक, सांस्कृतिक, सियासी क्षेत्र का बड़ा नुकसान,उनके परिवार, साथियों के प्रति भावभीनी संवेदना।" गौरतलब है कि फर्नांडिस का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को कर्नाटक के मंगलुरू में निधन हो गया। वह 80 साल के थे।