नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक निष्कर्ष के अनुसार जलवायु बदलाव के कारण मलेरिया, अतिसार रोग, अत्यधिक गर्मी एवं कुपोषण के चलते 2030 तक अतिरिक्त 250000 मौतें होंगी।
यह निष्कर्ष आठ जुलाई को फ्रांसीसी सरकार द्वारा पेरिस में बुलाई गई एक बैठक में निकाला गया। यह बैठक जलवायु बदलाव से जु़ड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के मकसद से पेरिस समझौते को लागू करने के लिए उठाये गये कदमों के अध्ययन हेतु बलाई गई थी।
विशेषज्ञों ने ध्यान दिलाया कि जलवायु परिवर्तन के कारण पहले ही हर वर्ष हजारों मौतें हो रही हैं। यह वायु प्रदूषण के कारण होने वाली 70 लाख मौतों के अतिरिक्त हैं। WHO की एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। इन अतिरिक्त मौतों के सबसे अधिक शिकार बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और गरीब लोग बनेंगे जिससे मौजूदा स्वास्थ्य असमानताएं और बढ़ेंगी।
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