नई दिल्ली: आतंकी संगठन अलकायदा ने कश्मीर के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़े पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई है। कश्मीरी युवाओं से अलकायदा ने पाकिस्तान के बहकावे में न आने की अपील की है। उसका कहना है कि पाकिस्तान अपने फायदे के लिए किसी भी हद तक जा सकता है और वह महज राजनीति करने के लिए ही कश्मीरी युवाओं का इस्तेमाल कर रहा है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक अलकायदा ने पाकिस्तान की सरकार, पाक आर्मी और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को धोखेबाज तक कह डाला है, जो कश्मीरी युवाओं का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है।
अलकायदा ने मुस्लिम युवाओं को आगाह करते हुए कहा है कि उन्हें दोस्त और दुश्मन में अंतर करने आना चाहिए, इसके साथ ही यह भी मालूम होना चाहिए कि कौन आपका समर्थक है और कौन आपकी भावनाओं से अपने स्वार्थ के लिए खेल रहा है। भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुस्लिमों के नाम “जिहाद ऑफ कश्मीर: ए कॉल टू रिफ्लेक्शन एंड एक्शन” नाम के अपने संदेश में अलकायदा के प्रवक्ता उस्ताद उस्मा महमूद ने कहा, “इतिहास इस तथ्य के सबूत देता है कि पाकिस्तानी एजेंसियों के सहयोग और देखरेख में हुए जिहाद से हमें अबतक कोई फायदा नहीं मिला बल्कि कश्मीरियों पर और अत्याचार बढ़ गए।”
इस बयान में साफतौर पर कहा गया है कि यदि कश्मीरी पाकिस्तान के छलावे में इसी तरह से आते रहे तो उनका उत्पीड़न कभी खत्म नहीं होने वाला है। साथ ही अलकायदा ने अपने संदेश में मुसलमानों से मुजाहिद और मिलिट्री मैन के बीच के अंतर को समझने की अपील की है और भारत-पाकिस्तान के मुसलमानों की रक्षा और उनके हित में जिहाद करने की अपील की है जो शरिया पर आधारित हो।
वहीं एक अमेरिकी इस्लामिक फोरम के नेता ने भी अमेरिकी संसदों से कहा कि पाकिस्तान, ईरान और सऊदी जैसे इस्लामिक पहचान रखने वाले देश खूंखार आतंकी संगठन आईएस, हमास, अलकायदा और हिजबुल्लाह के साथ मिलकर चोरी-छिपे साजिश करते हैं।
अमेरिकन इस्लामिक फोरम फॉर डेमोक्रेसी के अध्यक्ष एम जुहदी जस्सर ने कहा कि राजनीतिक इस्लाम की भूमिका को इनकार करना उतना ही खतरनाक हैं, जितना कि आतंकवाद और कट्टरवाद से निपटने के कार्य को खारिज करना। ऐसा करना इस्लाम और सभी मुसलमानों को खलनायक बनाना है। उन्होंने कहा कि ये इस्लामिक सरकारें अपनी इस्लामी सत्ता के स्वरूप को बनाए रखने के लिए जिहादी आतंकवाद का इस्तेमाल करती हैं।
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