कैसे लीक हुए पेपर्स:
एक अनाम स्त्रोत ने एक साल पहले जर्मनी के एक अखबार Süddeutsche Zeitung से संपर्क साधा था और उसने मोजैक फोंसेका से मिले कूट दस्तावेज उसे सौंपे। आगामी कुछ महीनों में अखबार ने पाया कि इन दस्तावेजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा था। इसके बाद करीब 2.6 टेराबाइट डेटा को इकट्ठा किया गया जिस पर सबसे बड़ा खुलासा करने के लिए पत्रकारों की एक बड़ी टीम काम कर रही है।
क्या है डेटा में:
लीक हुए दस्तावेजों में खुलासा हुआ है कि विश्व के प्रमुख बैंकों द्वारा संचालित उद्योग, लीगल फर्म और एसेट मैनेजमेंट कंपनियां गुप्त रूप से विश्व की अमीर हस्तियों, राजनेताओं, फीफा के अधिकारियों, ड्रग स्मगलर, फिल्मी हस्तियों और पेशेवर एथलीटों की संपतियों को किस तरह से गुप्त रखा जाता है। इस जांच में एक साफ तस्वीर उभर कर सामने आई है कि किस तरह से विश्व के अमीर लोगों से मोजैक फोंसेका निवेश स्वीकार करती थी।
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