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Hindi News भारत राष्ट्रीय पेपर लीक कांड: दिल्ली में छात्रों का CBSE के ख़िलाफ़ हल्ला बोल

पेपर लीक कांड: दिल्ली में छात्रों का CBSE के ख़िलाफ़ हल्ला बोल

पेपर लीक के मामले में दिल्ली में छात्रों ने लगातार दूसरे दिन भी CBSE के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किए और CBSE मुख्यालय के बाहर रोड जाम किया.

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पेपर लीक के मामले में दिल्ली में छात्रों ने लगातार दूसरे दिन भी CBSE के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किए और CBSE मुख्यालय के बाहर रोड जाम किया. छात्रों ने .CBSE के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी बी की. दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन पर भी CBSE दफ्तर पर छात्रों ने प्रदर्शन किया. यहां छात्रों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी CBSE के ऑफिस पर नारेबाज़ी की.

इस बीच CBSE पेपर लीक मामले में नया खुलासा हुआ है. CBSE को गणित का पेपर लीक होने की खबर एक दिन पहले ही मिल गई थी. दिल्ली पुलिस की दूसरी FIR के मुताबिक देव नारायण नाम के एक शख्स ने सीबीएसई के चेयरमैन को 12 पेज का मेल किया था. इसमें उसने बताया था कि दसवीं क्लास का गणित का पेपर व्हाट्स एप पर लीक हो गया है. उसने अपने मेल में हाथ से लिखा पेपर भी एटैच किया था लेकिन इसके बावजूद सीबीएसई ने कोई कार्रवाई नहीं की. सीबीएसई को दसवीं के मैथ्स का पेपर होने से करीब सात-आठ घंटे पहले ये पता चल गया था कि पेपर लीक हो गए हैं लेकिन इसके बाद भी सीबीएसई ने परीक्षा होने दी.
 
CBSE के गणित की 10वीं की परीक्षा हुए करीब 48 घंटे का वक्त बीत चुका है लेकिन ना तो अबतक सीबीएसई और ना ही दिल्ली पुलिस ये पता लगा पाई है कि वो मास्टरमाइंड कौन है जिसने 10वीं के मैथ्स का पेपर लीक किया और लाखों छात्रों को सड़कों पर प्रदर्शन करने और गहरे तनाव में जीने को मजबूर कर दिया. 

आपको बता दें कि CBSE को 12वीं के इकोनॉमिक्स का पेपर लीक होने की जानकारी भी 23 मार्च को ही दे दी गई थी. 23 मार्च को CBSE को मिला अज्ञात फैक्स मिला जिसमें 1 कोचिंग सेंटर, 2 स्कूलों के पेपर लीक से जुड़े होने की जानकारी थी. 24 मार्च को CBSE ने फैक्स दिल्ली के रीजनल ऑफिस को फॉरवर्ड किया और व्हाट्स एप के जरिए क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर से शिकायत की. 25 मार्च को रविवार होने की वजह से पेपर लीक के मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद 26 मार्च को CBSE के एकेडमिक सेक्शन को एक पैकेट मिला जिसमें बारहवीं के इकोनॉमिक्स के पेपर के उत्तर थे और इकोनॉमिक्स का पेपर जिन 4 लोगों को मिला उनका मोबाइल नंबर भी था. 27 मार्च को 12th के इकोनॉमिक्स के पेपर लीक का मामला सामने आया जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने FIR दर्ज की. इसके बाद 28 मार्च को सोशल मीडिया पर 10th का मैथ्स का पेपर भी लीक हो गया और CBSE ने दूसरी FIR दर्ज करवाई.

मतलब CBSE की लापवाही से लाखों स्टूडेंट्स दोबारा इम्तेहान देने के लिए मजबूर हो गए हैं और अब सीबीएसई ये कह रही है कि जल्द ही परीक्षा की तारीख बताई जाएंगी.

जानकारी के मुताबिक CBSE पेपर लीक मामले में अबतक करीब 35 लोगों से पूछताछ हो चुकी है. CBSE के 3 बड़े अफसरों ने क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचकर जांच में मदद की. इन तीनों अफसरों ने क्राइम ब्रांच को पेपर प्रिंट होने से लेकर उन्हें रखने, पेपर के डिस्ट्रीब्यूशन समेत तमाम गोपनीय जानकारियां साझा की.  आगे की जांच में क्राइम ब्रांच की टीम CBSE के दफ्तरों में भी जाएगी. जांच में अभी किसी को भी क्लीन चिट नहीं मिली है.  

पिछले 48 घंटे में दिल्ली पुलिस ने राजेंद्र नगर में एक ट्यूशन सेंटर पर छापा मारा और वहां पढ़ाने वाले 5 ट्यूटर्स के साथ दिल्ली के दो स्कूलों में पढ़ने वाले 11 स्टूडेंट्स से पूछताछ की. पुलिस का दावा है कि इन लोगों के पास एग्जाम से पहले पेपर आ चुका था. जांच में ये भी पता चला कि कम से कम 7 कॉलेज स्टूडेंट्स भी थे जिनके पास पेपर था.

व्हाट्सऐप ग्रुप पर लीक हुआ था पेपर: पेपर लीक केस में क्राइम ब्रांच ने बताया कि 12वीं कक्षा का अर्थशास्त्र का पेपर 10 व्हाट्सऐप ग्रुप्स पर लीक हुआ था। क्राइम ब्रांच ने बताया कि हर व्हाट्सएप ग्रुप में करीब 50 लोग मौजूद थे। इन ग्रुप्स में ट्यूटर्स और छात्रों के अलावा अभिभावक भी शामिल थे।

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