नई दिल्ली: वयोवृद्ध कम्युनिस्ट नेता ए. बी. बर्धन को आज सुबह पक्षाघात के बाद यहां के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्धन की स्थिति अभी भी नाजुक है और उन पर इलाज का आशिंक प्रभाव हो रहा है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने एक बयान में कहा, उनकी (बर्धन) स्थिति अभी भी नाजुक है और उन पर दवाओं का आंशिक प्रभाव हो रहा है। चिकित्सकों ने उन्हें निगरानी में रखा है और वह आगे के इलाज के लिए सुधार का इंतजार कर रहे हैं।
भाकपा नेता अतुल कुमार अंजान ने बताया कि 92 वर्षीय वर्धन यहां भाकपा मुख्यालय में रहते हैं। उन्हें सुबह करीब आठ बजे काफी बेचैनी महसूस हुई और वह फिर बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल मध्य दिल्ली स्थित जी. बी. पंत अस्पताल ले जाया गया। बर्धन को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है और वरिष्ठ चिकित्सक उनकी देखरेख कर रहे हैं।
बर्धन की पत्नी का वर्ष 1986 में निधन हो गया था। वह नागपुर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थीं। उनका एक बेटा और एक बेटी है।
बता दे कि अर्धेंदु भूषण बर्धन ने ट्रेड यूनियन आंदोलन और महाराष्ट्र में वामपंथी राजनीति में एक प्रमुख भूमिका निभायी। वर्ष 1957 में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव जीता था। बाद में वह अखिल भारतीय मजदूर संघ कांग्रेस के महासचिव और उसके बाद अध्यक्ष बने। यह संगठन भारत का सबसे पुराना मजदूर संगठन है। बर्धन 1990 के दशक में दिल्ली की राजनीति में आए और भाकपा के उप महासचिव बने। वह वर्ष 1996 में इंद्रजीत गुप्ता के बाद पार्टी के महासचिव बने।
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