नई दिल्ली: पठानकोट वायु सेना स्टेशन पर हाल में हुए आतंकी हमले के संबंध में सरकार ने आज कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि पाकिस्तान ने ऐसे किसी मामले में भारत की ओर से उपलब्ध कराये गए सबूतों के आधार पर कार्रवाई की और घटना में संलिप्त पाकिस्तानी नागरिकों की भूमिका की जांच के लिए एक मामला दर्ज किया।
लोकसभा में सुमेधानंद सरस्वती और संतोष अहलाव के प्रश्न के उत्तर में गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि देश के विभिन्न सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा स्थिति को मजबूत बनाने के उपायों पर विचार के लिए समिति का गठन गया है जो तीन महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
रिजिजू ने कहा कि देश के विभिन्न सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था विविध तरीके की है और इसकी समस समय पर समीक्षा की जाती है। आतंकी गतिविधियों का मुकाबला करने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य स्तर पर आसूचना और सुरक्षा एजेंसियों के बीच गहन और प्रभावी समन्वय तंत्र मौजूद है। इसके लिए बहु एजेंसी केंद्र को सुदृढ किया गया है ताकि सूचना का निर्वाध प्रवाह सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होेंने कहा कि हमले की पूर्व खुफिया जानकारी के आधार पर तथा एनआईए द्वारा पठानकोठ आतंकवादी हमले की जांच से यह पता चला है कि आतंकवादियों का संबंध पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद से था। यह भी साक्ष्य मौजूद है कि आतंकवादी हमले की योजना जैश ए मोहम्मद के मुखिया मौलाना मसूद अजहर एवं अन्य लोगों ने बनाई थी।
रिजिजू ने कहा कि भारत सरकार ने पाकिस्तान की सरकार से इस हमले में पाक नागरिकों की संलिप्तता के बारे में सूचना साझा की। यह पहली बार है कि पाकिस्तान ने ऐसे किसी मामले में भारत की ओर से उपलब्ध कराये गए सबूतों पर कार्रवाई की और इस आतंकी हमले में संलिप्त पाकिस्तानी नागरिकों की भूमिका की जांच के लिए एक मामला दर्ज किया है।
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