नई दिल्ली: बिजली कंपनियों से मांगे गए पीपीएसी में पावर टैरिफ के ऐलान के दौरान कमी की आशंका के बीच लोग के लिए राहत भरी खबर है। संभावना है कि डीईआरसी द्वारा कंपनियों से मांगे गए इस पीपीएसी को या तो इसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा या तो इसमें काफी हद तक कमी होगी। कुल मिलाकर हर सूरत में उपभोक्ताओं को राहत मिलनी तय है। गौरतलब है कि जुलाई महीने में पावर टैरिफ की घोषणा होनी है।
डीईआरसी के चेयरमैन पी. डी. सुधाकर ने बताया, “यह अपीलेट ट्राइब्यूनल ऑफ इलेक्ट्रिसिटी का फरमान था। ट्राइब्यूनल ने बिजली कंपनियों की अपील पर 25 मई को डीईआरसी को आदेश दिया गया था कि वह तीन हफ्ते में इसका कोई निदान खोजे। ऐसे में फिलहाल पीपीएसी पर निर्णय लेना जरूरी था। डीईआरसी ने पीपीएसी का रिव्यू करके शुक्रवार को यह आदेश जारी किया है। ऐसी स्थिति में सीएजी ऑडिट रिपोर्ट आने का इंतजार किया जाता तो यह ट्रिब्यूनल के आदेशों की अवहेलना होती यानी न्यायालय की अवमानना।”
सूत्र के मुताबिक इस बात की पूरी संभावना है कि पावर टैरिफ के ऐलान के दौरान पीपीएसी को खत्म कर दिया जाए क्योंकि बीते साल जुलाई में भी पावर टैरिफ की घोषणा के दौरान इसे खत्म करने का फैसला किया गया था।
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