नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल के बढते हुए दामों से आम लोग वैसे ही परेशान हैं लेकिन त्रिपुरा के लोग तो सबसे ज्यादा परेशान हैं। त्रिपुरा में पेट्रोल 300 रूपए प्रति लीटर मिल रहा है और डीजल 150 रूपए प्रति लीटर।
दरअसल, भारी बारिश और ठीक से रख-रखाव ना होने की वजह से असम और त्रिपुरा को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 8 (NH-8) खराब और खस्ताहाल में है। इस वजह से वहां पेट्रोल और बाकी जरूरी सामान की आवाजाही रुक गई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के जल्द से जल्द ठीक ना होने के विरोध में विपक्षी पार्टियां और वहां रहने वाले लोग सड़कों पर उतर आए हैं। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को वहां आगजनी करते हुए भी देखा गया है। हालांकि, सड़क को रिपेयर करने का काम शुरू हुआ था लेकिन बारिश होने की वजह से वह भी रुक गया।
बीते दो माह से हाइवे क्षतिग्रस्त था, इसलिए मरम्मत का काम भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। खराब होने वाले सामानों से लदे ट्रक रोड पर फंस गए है। बसों में ईंधन न होने के कारण कई स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है। सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए फ्यूल में सम-विषम योजना लागू की है।
मंत्री भानू लाल शाह ने बताया कि हमने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से रोजाना 100 टैंकर भेजने को कहा है। 180 पेट्रोल टैंकरों और 15 डीजल के टैंकरों को त्रिपुरा बुलाया गया है। शाह ने इन सबके लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया है। दूसरी ओर बीजेपी ने स्थिति पर काबू न पाने के कारण मुख्यमंत्री माणिक सरकार को इस्तीफा देने को कहा है।
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