मप्र: तीर्थयात्रियों ने पुलिस चौकी पर किया हमला, देखें तस्वीरे
मध्यप्रदेश की तीर्थ यात्रा पर आये एक जत्थें ने एक पुलिस चौकी पर हमलाकर वहाँ उपस्थित पुलिस के एक अधिकारी और जवान को जमकार मारा। गम्भीर रूप से घायल करने के बाद सभी बस सहित भाग खड़े हुए।

इन्दौरः 07 जून, महाराष्ट्र के औरंगबाद से मध्यप्रदेश की तीर्थ यात्रा पर आये एक जत्थें ने एक पुलिस चौकी पर हमलाकर वहाँ उपस्थित पुलिस के एक अधिकारी और जवान को जमकार मारा। गम्भीर रूप से घायल करने के बाद सभी बस सहित भाग खडे हुए। इस मामले की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने भाग रही बस को पकड लिया। दस लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही बस भी जब्त कर ली गई है।
घटना सोमवार शाम करीब 8 बजे की है। सिमरोल थाना प्रभारी एस.डी मूले ने बताया कि औरंगबाद के गडना कम्पनी क्रमांक एम.एच 12 FC9040 वहां के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 60 लोग का जत्था 20 दिन की तीर्थयात्रा में निकाला था। सोमवार को यह जत्था उज्जैन घूमकर ओंकरेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्श्न करने जा रहा था। भेरुघाट के आगे इनकी बस ने सामने जा रहे आयशर को टक्कर मार दी। आयशर और बस चालक के बीच विवाद हो गया तो बस में सवार लोगों ने आयशर चालक की जमकर धुनाई कर दी। आयशर चालक चोरल चौकी में इसकी शिकायत की। चौकी में तैनात सब इंस्पेक्टर सीतराम रावत और आरक्षक राम निवास पटेल ने बस को रोक लिया।
उन्होनें बस को साइट में खडे करने को कहा। जब पुलिस आयशर चालक की रिपोर्ट पर मामले की कायमी कर रही थी तभी बस में सवार लोगों में कुछ लोग चौकी के अन्दर पहुंचे और पुलिस वालों से विवाद करने लगे। विवाद होता देख बस में सवार अन्य लोग भी वहाँ पहुंच गये। सभी ने पुलिसवालों को घेर लिया। भीड को उत्तेजित देखकर दोनों पुलिसवाले एक कमरें में घुसकर अपने आपकों बन्द कर लिया। भीड ने चौकी के बाहर पडे एक लकडी की भारी भरकम बल्ली से दरवाजा तोड और पुलिसवालों को पिटने लगें। पुलिसवालों को पिटता देखकर गाँव के कुछ लोग वहाँ पहुंचें और भीड से किसी तरह दोनों पुलिसवालों को बचाकर बाहर लाये। दोनों पुलिस वाले बुरी तरह घायल थें। सब इंस्पेक्टर की स्थित गम्भीर है। उनके सिर में चोट आई है। दोनों पुलिसवालों का महू के शासकीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इस घटना की सूचना जैसे ही सिमरोल थाने को मिली पुलिस का बल वहाँ पहुंचा। इस बीच गांव के लोग भी चौकी पर एकत्रित होने लगें। गांववालों की संख्या बढते देख तीर्थयात्री बस में बैठे और भागने लगें। पुलिस ने बस को पकडने के लिए पीछ किया। इस बीच अक्रोशित गांव के 50-60 लोगों के एक झुंड ने बस को खरगौन जिले के बलवाड के आगे घेर लिया. वे बस में आग लगने ही जा रहे थे तभी पीछ कर रही पुलिस पहुंच गई और भीड को शांत किया। इस बीच घायल आरक्षक मौके पर पहुंचा और मारपीट तथा उपद्रव करने वालों की शिनाख्त की। पुलिस ने बस को जब्त कर दस लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ भादवि की धारा 147,148, 353, 332, 186, 427, 294, तथा 506 के तहत अपराध दर्ज कर बस को जब्त कर लिया है।
पिटने के बाद भी दिखाई पुलिस ने सहृदयता
तीर्थयात्रियों द्वारा पीटे जाने के बाद भी पुलिस ने मानवीयता कायम रखी। जिस समय पुलिस को बस सवार पीट रहे थे उस समय उनके साथ आई महिलाओं ने भी पथराव किया था और थाने में रखे सामान आदि को फेंका था। लेकिन उनके साथ बच्चे होने की वजह से पुलिस ने उन्हें आरोपी नहीं बनाया। इतना ही नहीं सिमरोल थाना प्रभारी एस डी मूले ने दूसरी बस करके दस लोगों को छोडकर सभी को ओंकरेश्वर दर्श्न करने के लिए दूसरे एबस का इंतजाम कर दर्शन के लिए भेजा।
आरोपियों के नाम
1. चान्ददेव, खुलताबाद
2. शिवजी पंवार, दर्शुल
3. अशोक सुरसे, ढेरनाला
4. गनपत पिंगले,हसलबाद
5. गजिन्द्र थोराड, देवगाँव
6. बैजनाथ, खुलताबाद
7. भास्कर, ग्राम खेडी
8. धन्दुल
9. बबन
10. कडवा सुराने, देवलाता