वाराणसी: वाराणसी के अस्सी घाट पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ई-बोट्स का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने कहा कि इस बोट से मछुआरों का काफी फायदा होगा। उन्होंने यहां पहुंचकर लोगों को प्यार देने के लिए धन्यवाद अदा किया। उन्होंने कहा कि आपका प्यार काम करने की प्रेरणा देता है और वो इस धरती, यहां के लोगों, भोले बाबा और मां गंगा के आभारी हैं। साथ ही उन्होंने अपने भाषण के अंत में काशी के लोगों से स्वच्छता की अपील भी की।
पीएम मोदी ने कहा कि मैने मछुआरे से पूछा कि बोट में दिन में कितने का डीजल लग जाता है, तो मेरे मछुआरे भाई ने बताया कि साहब करीब 500 रुपए का डीजल लग जाता है। उसने यह भी बताया कि पूरा दिन चलाना पड़ता है। पीएम मोदी ने कहा कि पहले की बोट में आवाज होती थी नाविक अगर पर्यटक को कुछ बताता भी था तो उसे कुछ सुनाई नहीं देता था। पर्यटक भी उब जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने बताया कि मैं खुद ई-बोट में बैठ के आया हूं। उसमें बिल्कुल भी आवाज नहीं है। इतना ही नहीं मैने बोट के ऊपर सोलर पैनल लगवाए हैं जिससे बोट चार्ज भी हो जाएगी और मेरे मछुआरे भाई के 500 रुपए बचेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि जरा सोचिए अगर एक मछवारे के दिन के 500 रुपए बचेंगे तो उसका कितना भला होगा।
पीएम मोदी ने कहा, “ गंगा तट पर हजारों बोट हैं, मेरे मछुआरे और भाई बहन हैं। मुझे संतोष है मुझे इनके लिए काम करने का मौका मिला। मैने मछुआरों से पूछा कि 500 रुपए बचेंगे तो क्या करोगे। सबको मालूम है वो क्या करेंगे, लेकिन मैने उनसे कहा कि जो पैसे बचेंगे उनका इस्तेमाल अपने बच्चों की पढ़ाई करवानी होगी, कुछ पीना नहीं है।”
मोदी ने कहा, “काशी का विकास करने का मेरा सपना है, कहते तो हो लेकिन करते नहीं हो, पक्का करोगे, मेरा काम। सफाई स्वच्छता। अब मेरा काशी गंदा नहीं रहना चाहिए। अगर हम एक बार फैसला कर लें कि काशी को गंदा नहीं होने देंगे तो काशी की शान बढ़ जाएगी। ये काम हम सबको करना है।”
मोदी ने अंत में कहा कि आपके पास आना मुझे एक नई ताकत देता है, मैं आता हूं चला जाता हूं फिर से यहां आता हूं। मैं मुछआरों से कहना चाहता हूं कि जो पैसे बचेंगे उनका उपयोग बच्चों की पढ़ाई में करेंगे। हर मां बाप का यह संकल्प होना चाहिए कि जो गरीबी उन्हें विरासत में मिली उसे बच्चों को नहीं देंगे।
पीएम मोदी ने वाराणसी के अस्सी घाट में ई-बोट का लुत्फ उठाया:
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