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PM मोदी बोले दिल्ली ही देश है, इस भ्रम में से बाहर आना होगा

जमशेदपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के जमशेदपुर में आयोजित पंचायती राज दिवस कार्यक्रम के मौके पर कहा कि दिल्ली ही देश है, हमें इस भ्रम से बाहर आना चाहिए।

Narendra Modi
- India TV Hindi
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जमशेदपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के जमशेदपुर में आयोजित पंचायती राज दिवस कार्यक्रम के मौके पर कहा कि दिल्ली ही देश है, हमें इस भ्रम से बाहर आना चाहिए। उन्होंने यहा पर कहा कि सामान्य रुप से पंचायती राज दिवस दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ करता था, कुछ प्रतिनिधि आते थे यही परंपरा चलती थी। पीएम मोदी ने यहां पर गांव के विकास के लिए पंचायत प्रतिनिधियों से अपील करने के साथ यह भी बताया कि इस बार की सरकार ने अपने बजट में गावों के विकास पर विशेष ध्यान दिया है।  

क्या बोले पीएम मोदी:

  • अगर मेरी मां के शरीर में 400 सिगरेट जितना धुंआ जाएगा तो उस मां की तबियत का क्या हाल होगा?
  • वैज्ञानिकों का कहना है कि एक मां जब लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाती है तो उसके शरीर में 400 सिगरेट जितना धुंआ जाता है।
  • गांव में आज भी हमारी गरीब मां लकड़ी का चूल्हा जलाकर खाना पकाती है।
  • एक बार हिंदुस्तान के गांव बदलने लग जाएं तो देश को बदलने में देर नहीं लगेगी।
  • मैं मेरे पंचायत प्रतिनिधियों से पूछना चाहता हूं कि क्या वे गांव के विकास के तनाव को मेरे साथ साझा नहीं कर सकते हैं?  
  • पंचायच राज एक संरचना है, एक लोकतांत्रिक सिस्टम है, लेकिन जब तक लोगों के विकास के लिए कदम नहीं उठाए जाएंगे कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता है।
  • पंचायत प्रतिनिधियों के लिए यह अनिवार्य है कि वो गांव के जीवन को सुधारने के लिए कदम उठाएं, पहल करें।   
  • जब गांव के बच्चे स्कूल जाना बंद कर दें तो पंचायत के सदस्यों को चिंता करनी चाहिए।
  • कितने पंचायत प्रतिनिधियों ने यह जिम्मेवारी ली कि कोई भी बच्चा पोलियो वायरस के वैक्सीन को लेने से वंचित न रह जाए?
  • गांवों में प्रैग्नेंसी के दौरान उन एतिहातन उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाए जाने की जरूरत है ताकि कोई भी मां अपने बच्चे को न खो सके।
  • 40 फीसदी महिला प्रतिनिधियों को कदम बढ़ाकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रैग्नेंसी के दौरान किसी भी महिला की मौत न हो।  
  • यह एक शर्म की बात है कि इतने विकास के बावजूद महिलाएं और लड़कियां खुले में शौच करने को मजबूर हैं।
  • पंचायत की महिला प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर गांवों में शौचालयों की उचित व्यवस्था हो।
  • पंचायत की महिला प्रतिनिधि यह संकल्प लें कि वो गांवों में टॉयलेट बनवाएंगी ताकि किसी भी महिला को खुले में शौच को मजबूर न होना पड़े।  
  • पंचायत में काफी सारी महिलाएं काम कर रही हैं। वो गांवों को प्रभावित करने वाले कामें में बेहतर नेतृत्व दे सकती हैं।  
  • गांव के लोगों ने मुझे बतौर अपना प्रतिनिधि समझते हुए 5 साल के लिए विश्वास जताया है और मैं उनके लिए कुछ करने को प्रतिबद्ध हूं।  
  • मैं राज्य सरकार को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने इतनी भीषण गर्मी के बावजूद गांवों में विकास के लिए जागरूकता फैलाने का काम किया।
  • भगवान बिरसा मुंडा की धरती से मुझे अवसर मिला है कि मैं देशभर के लोगों से बात कर सकूं।
  • ऐसा पहली बार हुआ है जब हमने बजट में ग्राम विकास पर जोर दिया है।
  • महात्मा गांधी कहा करते थे कि भारत गांवों में बसता है। लेकिन हम देख सकते हैं कि गांवों और शहरों के बीच की दूरी बढ़ रही है।
  • और इसलिए हमारी कोशिश रही है कि भारत सरकार को दिल्ली से बाहर निकलकर हिंदुस्तान के अलग-अलग इलाकों में ले जाया जाए।
  • हम प्रयास कर रहे हैं कि दिल्ली के बाहर सामाजिक विकास से जुड़े कुछ आयोजन करवाए जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को उसमे जोड़ा जा सके।
  • हमने आकर प्रयास किया कि देश बहुत बड़ा है, दिल्ली ही देश है, इस भ्रम में से बाहर आना चाहिए।
  • सामान्य रुप से पंचायती राज दिवस दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ करता था, कुछ प्रतिनिधि आते थे यही परंपरा चलती थी।  

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