नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इकोनॉमिक्स कान्क्लेव 2015 में शिरकत करते हुए जन धन मोबाइल योजना का महत्व बताया। वित्त मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में JAM का मतलब समझाते हुए कहा जस्ट अचीविंग मैक्सिमम। मोदी ने यहां पर कहा कि 17 महीने पहले उनके नेतृत्व की सरकार बनी थी और तब की स्थिति के मुकाबले अब हालात बेहतर हैं और अर्थव्यवस्था में भी काफी सुधार हुआ है। गौरतलब है कि वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की थी। यह पहला मौका था जब दिल्ली इकोनॉमिक कान्क्लेव का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री के हाथों कराया गया।
मौजूदा सरकार द्वारा आर्थिक सुधार की दिशा में उठाए गए कदमों के बारे में पीएम मोदी ने कहा-
- हर तरह के ऊर्जा संकेतकों के लिहाज से हमने जब से सरकार संभाली है (17 महीने पहले) हम बेहतर स्थिति में हैं।
- हमने राजकोषीय समेकन के लिए बेहतर प्रयास किए हैं। साथ ही महंगाई पर अंकुश लगाने की दिशा में हम पहली बार RBI के साथ मॉनिटरी फ्रेमवर्क तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ पाए हैं।
सुधार करने वाले एजेंडों पर बात करते हुए-
- सुधार वह होता है जो सभी नागरिकों की मदद करे, विशेषकर के गरीबों की ताकि वो बेहतर जीवन-यापन कर पाएं। यही है सबका साथ सबका विकास। बीते 17 महीनों में करीब 19 करोड़ लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने की कोशिश की गई है।
- भारत में उद्ममिता की अपार संभावनाएं हैं। हमें इसका इस्तेमाल करने की जरूरत है ताकि हम नौकरियां तलाश करने वाले देश के बजाए नौकरियां पैदा करने वाले देश बन जाएं।
- अगला वित्तीय सुधार एक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से एक सुरक्षा तंत्र का प्रावधान है। सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से सरकार ने तमाम अन्य रिफॉर्म भी किए हैं। इनमें में ज्यादातर सरकारी सिस्टम की दक्षता सुधारने के लिए हैं। जिससे सिस्टम ज्यादा जवाबदेह बन सके।
स्वच्छता पर बोले पीएम मोदी-
प्रधानमंत्री बनने से पहले मुझे आर्थिक विश्लेषकों के जरिए उन सुधारों के बारे में जानकारी मिली थी जिनके भारत में किए जाने की जरूरत है। किसी ने भी अब तक स्वच्छता के मुद्दे को नहीं उठाया था। साफ सफाई के खराब तरीके और स्वच्छता को नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के मुद्दे से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
श्रम सुधार पर बोले पीएम मोदी-
हम कर्मचारियों के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN)। यानी अगर कोई कर्मचारी नौकरी भी बदलता है तो भी उसे मुश्किल नहीं होगी। हमने ट्रांसपोर्ट सेक्टर में भी काफी सुधार किए हैं।
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