भुवनेश्वर: दो दिन की ओडिशा यात्रा के लिए भुवनेश्वर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने पहुंचे। रास्ते में बड़ी संख्या में लोग उनके अभिवादन के लिए जमा हुए थे। प्रधानमंत्री भी सुरक्षा प्रोटोकॉल को तोड़कर गाड़ी से बाहर निकलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते दिखाई दिए।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री शनिवार को ही भुवनेश्वर पहुंच गए थे जहां एअरपोर्ट पर राज्यपाल एससी जमीर, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव और धर्मेंद्र प्रधान ने मोदी का स्वागत किया। मोदी ने खुद ट्वीट के जरिए जानकारी देते हुए लिखा था, सात को मेरी ओडि़शा यात्रा के दौरान मैं पुरी के जगन्नाथ मंदिर जाकर प्रार्थना करूंगा।
पीएम मोदी ने किया रिसर्च सेंटर का उद्घाटन:
प्रधानमंत्री ने नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने भारतीय स्पेस मिशन की तारीफ की और कहा कि नई खोज हर समाज और पीढ़ी की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा, 'इमारतें तो बहुत बनती हैं, भवन भी बनते हैं लेकिन ईंट पत्थर चूने से बने इमारत तब तक प्रेरणा के केंद्र नहीं बनते जब तक उससे जुडे लोगों की आत्मा उससे नहीं जुड़ती, इसलिए व्यवस्थाओं का मह्त्व होते हुए भी व्यवस्थाओं के भीतर काम होना चाहिए। कोई रिसर्च कोई इनोवेशन किसी गरीब की जिंदगी में परिवर्तन ला रहा है तो इससे बड़ा पुरस्कार नहीं।’
सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए थे:
पुलिस महानिदेशक के बी सिंह ने पारादीप में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की जबकि अन्य सुरक्षा अधिकारी पुरी एवं एनआईएसईआर में डेरा जमाए हुए हैं ताकि प्रधानमंत्री के लिए पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सिंह ने कहा, सभी व्यवस्था नियमों के मुताबिक की गई है। उन्होंने कहा कि पारादीप में करीब एक लाख लोगों के आने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने मंदिर के द्वार बंद रखने का निर्णय किया था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण मंदिर परिसर की मरम्मत कर रहा है। एएसआई ने मोदी के मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए अपना काम टालने का निर्णय किया है। प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले विशेष संरक्षण समूह (एसपीजी) ने पारादीप, पुरी एवं एनआईएसईआर में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की।
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