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अफगानिस्तान के हालातों पर CCS की बैठक, PM मोदी ने की अध्यक्षता, डोवल और शाह भी रहे मौजूद

अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी और उसके बाद पैदा हुए हालातों पर भारत सरकार नजर बनाए हुए है। इसी कड़ी में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति (CCS) की बैठक बुलाई।

अफगानिस्तान के हालातों पर CCS की बैठक, PM मोदी ने की अध्यक्षता, डोवल और शाह भी रहे मौजूद- India TV Hindi
Image Source : PTI अफगानिस्तान के हालातों पर CCS की बैठक, PM मोदी ने की अध्यक्षता, डोवल और शाह भी रहे मौजूद

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी और उसके बाद पैदा हुए हालातों पर भारत सरकार नजर बनाए हुए है। इसी कड़ी में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति (CCS) की बैठक बुलाई। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल और गृह मंत्री अमित शाह भी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि भारत पहले ही अफगानिस्तान से अपने लोगों को निकालने का काम शुरू कर चुका है। मंगलवार शाम को भारतीय वायुसेना के दो विमान काबुल से लाए गए लोगों के साथ गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर पहुंचे। C-17 ग्लोबमास्टर और C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान लोगों को यहां लेकर पहुंचे।

C-17 ग्लोबमास्टर विमान अफगानिस्तान से आज दिन में पहले गुजरात के जामनगर में उतरा था, फिर वहां से गाजियाबाद आया। IAF ने यात्रियों को दिल्ली लाने के लिए अतिरिक्त C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान को जामनगर भेजा था। यह विमान भी यात्रियों के साथ हिंडन एयरबेस पहुंच गया है।

बता दें कि भारतीय वायुसेना का सी-17 मालवाहक विमान काबुल से भारतीय दूतावास के राजदूत सहित 148 लोगों को भारत लेकर पहुंचा है। इन 148 लोगों में भारतीय दूतावास के अधिकारी, दूतावास के सुरक्षा कर्मी और कुछ पत्रकार शामिल हैं। सी-17 मालवाहक विमान ने भारत की सीमा में एंट्री के बाद पहले जामनगर में लैंडिंग की थी।

इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया था कि यह फैसला किया गया है कि काबुल में भारत के राजदूत और उनके भारतीय कर्मियों को मौजूदा हालात के मद्देनजर तत्काल देश वापस लाया जाएगा। बागची ने ट्वीट किया था, ‘‘मौजूदा हालात के मद्देनजर, यह फैसला किया गया है कि काबुल में हमारे राजदूत और उनके भारतीय कर्मियों को तत्काल भारत लाया जाएगा।’’

गौरतलब है कि अफगानिस्तान में अमेरिका समर्थित सरकार के गिर जाने और देश के राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश से भाग जाने के बाद रविवार को तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया। तालिबान ने 9/11 के हमलों के बाद अमेरिका नीत सेना के अफगानिस्तान में आने के 20 साल बाद फिर से देश पर कब्जा कर लिया है। 

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत काबुल में हालात पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैं काबुल में हालात पर लगातार नजर रख रहा हूं। भारत लौटने के इच्छुक लोगों की घबराहट समझता हूं। हवाईअड्डा संचालन मुख्य चुनौती है। इस संबंध में साझेदारों के साथ विचार-विमर्श जारी है।’’

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