नई दिल्ली: ख्वाजा मोइनुद्दीन चिस्ती के 803वां उर्स- ए- मुबारक के मौके पर अजमेर शरीफ पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से चादर चढ़ाई गई। मज़ार पर चढ़ाने के लिए ख़ासतौर पर तैयार हुई मखमली चादर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने चढ़ाई।
नकवी ने पीएम मोदी की ओर से भेजा गया संदेश भी पढ़कर सुनाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, "ख्वाजा मोइनुद्दीन चिस्ती के 803वां उर्स- ए- मुबारक के अवसर पर विश्व में उन्के अनुयाईयों को मेरा बधाई। भारत भूमि हज़ारो वर्षों से ऋषि-मुनियों, संतों और पीर-पैगंबरों की जननी रही है। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिस्ती ने सूफी-संत परंपरा को कायम रखते हुए सभी धर्मों के अनुयाईयों को आपस में प्रेम पूर्वक रहने का महान संदेश दिया है। गरीज नवाज़ का यह संदेश आज भी सार्थक है।
उर्स की सफलता के लिए मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।"
खालिद रशीद फिरंगीमहली, धर्मगुरु ने कहा कि, 'ये परंपरा रही है कि पीएम चादर भेजते रहे हैं....कायम रहे तो अच्छी बात है सेकुलरिज्म की अलामत (इशारा) है।'
प्रधानमंत्री मोदी से पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से भी पहली बार दरगाह में चादर चढ़ाई गई है, जिसे खास तौर पर बराक ओबामा ने मज़ार पर चढ़ाने के लिए भेजी थी। हमेशा की तरह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बार भी ख्वाजा के दरबार में चादर भेजी है।
नरेंद्र मोदी खुद चादर चढ़ाने दरगाह नहीं पहुंच पा रहे हैं इस बात का अजमेर के लोगों को मलाल भी है।
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