नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केंद्र व राज्यों के बीच सूचना साझेदारी पर जोर देते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए इसे जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा तब तक मजबूत नहीं हो सकती, जब तक कि केंद्र और राज्य खुफिया जानकारियों का आदान-प्रदान नहीं करते। मोदी ने 10 साल बाद हुई अंतर-राज्य परिषद (आईएससी) की बैठक का उद्घाटन करते हुए देश के विकास के लिए भी केंद्र और राज्य सरकारों के मिलजुलकर कार्य करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, "देश की आंतरिक सुरक्षा तब तक मजबूत नहीं की जा सकती, जब तक कि हम खुफिया जानकारियां साझा करने पर ध्यान केंद्रित नहीं करते और अपनी पुलिस को आधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस नहीं करते। हालांकि हमने काफी लंबी दूरी तय की है, पर हमें अपनी क्षमता व दक्षता निरंतर बढ़ाने की आवश्यकता है। हमें निरंतर सतर्क और अद्यतन रहने की आवश्यकता है। आईएससी नीतियों पर चर्चा का एक मंच प्रदान करता है और निश्चित तौर पर यह केंद्र-राज्य तथा अंतर-राज्य संबंधों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।"
ममता बनर्जी ने क्या कहा:
10 साल बाद हुई अंतर-राज्य परिषद (आईएससी) की बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी पहुंची। हालांकि वो थोड़ा नाराज दिखीं उन्होंने कहा कि इस बैठक के विषय पर उनसे कोई बातचीत तक नहीं की गई। दीदी ने यहां पर कानून और व्यवस्था पर भी बात की। वहीं ममता ने यहां पर अपनी समस्याएं भी सामने रखीं।
नीतीश कुमार ने क्या कहा:
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस बैठक में पहुंचे। यहां पर पीएम मोदी ने नीतीश कुमार के साथ हाथ मिलाया और इस दौरान दोनों के बीच काफी गर्मजोशी भी देखने को मिली।
अरविंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी के बीच दिखी तल्खी:
इस बैठक के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच तल्खी भी साफ तौर पर नजर आई। केजरीवाल ने कहा कि किसी राज्य पर राष्ट्रपति शासन तक नहीं लगाया जाना चाहिए जब तक कि राज्य का शासन तंत्र विफल न हो जाए।
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