इलाहाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के दूसरे और अंतिम दिन कार्यकताओं व पदाधिकारियों को आचरण में संयम लाने की नसीहत दी और कहा कि सत्ता और ताकत मिलने पर कभी घमंड नहीं करना चाहिए। केंद्रीय वितमंत्री अरुण जेटली ने बैठक के समापन के दौरान प्रधानमंत्री के उद्बोधन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि कार्यकर्ताओं को हमेशा सात 'एस' को ध्यान में रखना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा, "कार्यकर्ताओं को आचरण और नीति की दृष्टि से सात बातों पर खास तौर से ध्यान देना चाहिए। सेवाभाव, संतुलन, संवेदना, समन्वय, सकारात्मकता, सद्भावना एवं संवाद। इसे अपने जीवन में हमेशा लागू करना चाहिए।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "हम एक इतिहास बनते हुए देख रहे हैं। करोड़ों लोगों ने देश के लिए जो त्याग और परिश्रम किया है, उसका लाभ आज हमें मिल रहा है। हम लोग केंद्र के साथ ही कई राज्यों में सरकार में हैं, लेकिन एक बात हमेशा ध्यान देना चाहिए कि कभी सत्ता व ताकत का घमंड नहीं करना चाहिए।"
मोदी ने कहा कि इस ताकत का इस्तेमाल समाज की भलाई में करना चाहिए, ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके। प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "हमने नए भौगोलिक क्षेत्र में प्रवेश किया है। इसीलिए उन क्षेत्रों में पार्टी के विस्तार पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए।"
केंद्रीय योजनाओं का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा, "जनमानस अब नारों से संतुष्ट नही हैं, बल्कि देश कैसे मजबूत हो रहा है, इसकी चिंता वे कर रहे हैं। इतिहास में अवसर बार-बार नहीं मिलता है। देश को एक बार फिर अवसर मिला है। इसका प्रयोग हमें देश को आगे बढ़ाने और इसके विकास में करना चाहिए।"
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