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Hindi News भारत राष्ट्रीय सोमनाथ मंदिर को कई बार तोड़ा गया, जितनी बार गिराया गया उतनी बार उठ खड़ा हुआ: PM मोदी

सोमनाथ मंदिर को कई बार तोड़ा गया, जितनी बार गिराया गया उतनी बार उठ खड़ा हुआ: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सोमनाथ ‘‘समुद्र दर्शन’’ पैदल पथ, सोमनाथ प्रदर्शनी केंद्र और नवीनकृत अहिल्याबाई होलकर मंदिर का उद्घाटन किया।

pm modi- India TV Hindi Image Source : PTI आज सोमनाथ मंदिर की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे PM मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सोमनाथ ‘‘समुद्र दर्शन’’ पैदल पथ, सोमनाथ प्रदर्शनी केंद्र और नवीनकृत अहिल्याबाई होलकर मंदिर का उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने श्री पार्वती मंदिर की आधारशिला भी रखी।

उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, मैं इस पवित्र अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ रहा हूं लेकिन मन से मैं स्वंय को भगवान सोमनाथ के चरणों में ही अनुभव कर रहा हूं। मेरा सौभाग्य है कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे इस पुण्य स्थान की सेवा का मौका मिला है। आज मुझे समुद्र दर्शन पथ, सोमनाथ प्रदर्शन गैलरी और जीर्णोद्धार के बाद नए स्वरूप में जूना सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण का सौभाग्य मिला है, साथ ही आज पार्वती माता मंदिर का शिलान्यास भी हुआ है, साथ में सावन का पवित्र महीना, यह हम सबके लिए भगवान सोमनाथ के आशीर्वाद की ही सिद्धी है।

उन्होंने कहा, इस अवसर पर ट्रस्ट के सभी सदस्यों को और देश विदेश में भगवान सोमनाथ के करोड़ों भक्तों को बधाई, विशेष रूप से लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के चरणों में नमन करता हूं जिन्होंने भारत के प्राचीन गौरव को पुनर्जीवित करने की इच्छा दिखाई। सरदार साहब सोमनाथ मंदिर को स्वतंत्र भारत की स्वतंत्र भावना से जुड़ा हुआ मानते थे। यह हमारा सौभाग्य है कि आज आजादी के 75वें साल में हम सरदार जी के प्रयासों को आगे बढ़ा रहे हैं और सोमनाथ मंदिर को नई भव्यता दे रहे हैं।

आगे उन्होंने कहा, मैं लोकमाता अहिल्याबाई होलकर को भी प्रणाम करता हूं जिन्होंने विश्वनाथ से सोमनाथ तक कितने ही मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाया। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से लेकर कच्छ के कायाकल्प तक पर्यटन से जब आधुनिकता जुड़ती है तो कैसे परिणाम आते हैं, इसे गुजरात ने देखा है।  

लोकल अर्थव्यवस्था से तीर्थयात्राओं का जो रिश्ता रहा है उसे और मजबूत करने की जरूरत है, जैसे कि सोमनाथ मंदिर में अभी तक पूरे देश और दुनिया से श्रद्धालु दर्शन करने आते थे, लेकिन अब यहां समुद्र दर्शन पथ, प्रदर्शनी, प्लाजा और शॉपिंग कॉम्पलेक्स भी पर्यटकों को आकर्षित करेंगे।

बता दें कि अहिल्याबाई होलकर पुराने सोमनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है और यह मुख्य मंदिर के विपरीत दिशा में स्थित है। इसके नवीनीकरण पर 3.5 करोड़ रुपये की लागत आई है। लगभग एक किलोमीटर लंबा ‘‘समुद्र दर्शन’’ पैदल पथ के निर्माण पर करीब 47 करोड़ रुपये लागत आई है। सोमनाथ प्रदर्शनी केंद्र सोमनाथ मंदिर के परिसर में स्थित पर्यटक सुविधा केंद्र के निकट बना है। इस प्रदर्शनी केंद्र में पुराने सोमनाथ मंदिर के टूटे-फूटे हिस्सों को प्रदर्शनी के लिए रखा गया है।

अहिल्याबाई होलकर मंदिर को 3.5 करोड़ रुपये में पूरा किया गया है। इसका निर्माण इंदौर की अहिल्या बाई होलकर ने कराया था। प्रधानमंत्री मोदी गिर-सोमनाथ जिले के प्रभास पाटन शहर में स्थित सोमनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष हैं। इस उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन मंदिर परिसर के राम मंदिर सभागार में हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुडे। वह भी न्यास के न्यासी हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस दौरान सभागार में मौजूद रहे।

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