नई दिल्ली: कर्नाटक के मैसूर ड्रिस्ट्रिक्ट में पुलिस ने क़रीब 410 साल पहले लिखी गई क़ुरान बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने 10 लोगों के एक गैंग को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि यह गैंग इस पुस्तक को पांच करोड़ रुपये में बेचने की कोशिश में था।
मशहूर इतिहासकार बी. शेख अली ने कुरान की लिखावट को 'पीस ऑफ आर्ट' बताया। 604 पन्नों की इस कुरान को काले तिरछे अक्षरों में सुनहरे रंग के पन्नों पर लिखा गया है। किताब के कवर पर जवाहरात जड़े हैं। अली ने कहा कि उन्होनें भारत में कई क़ुरान देखी हैं, लेकिन इसकी जैसी नही देखी।
इस कुरान के लेखक ने आखरी पन्ने पर इस कुरान के निर्माण का भी जिक्र किया है जब यह लिखी गई थी। शेख ने कहा, यह किताब 1050 हिजरी कैलंडर में लिखी गई थी, जिसका मतलब सन् 1605 है। यह वही समय था जब मुगल सल्तनत भारत में अपने चरम पर थी और इसी समय अकबर का उत्तराधिकार जहांगीर ने संभाला था।
पुलिस द्वारा पकड़े गए गिरोह को हिरासत में लेकर मामले की तफ्तीश की जा रही है।
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