1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. Skytech Matrott: बिल्डर की मनमानी से सड़कों पर उतरे लोग, पैसा लेकर भी नाम नहीं कर रहा फ्लैट

Skytech Matrott: बिल्डर की मनमानी से सड़कों पर उतरे लोग, पैसा लेकर भी नाम नहीं कर रहा फ्लैट

नोएडा सेक्टर 76 के स्काईटेक मैटरॉट बिल्डर के खिलाफ महिलाओं और बच्चों ने जमकर प्रदर्शन किया। एक स्थानीय निवासी के मुताबिक बिल्डर ने पैसे तो ले लिए हैं लेकिन वो नोएडा अथॉरिटी से कम्प्लीशन सर्टिफिकेट नहीं ले रहा है।

Skytech Matrott- India TV Hindi
Skytech Matrott

नोएडा: नोएडा सेक्टर 76 के स्काईटेक मैटरॉट बिल्डर के खिलाफ महिलाओं और बच्चों ने जमकर प्रदर्शन किया। एक स्थानीय निवासी के मुताबिक बिल्डर ने पैसे तो ले लिए हैं लेकिन वो नोएडा अथॉरिटी से कम्प्लीशन सर्टिफिकेट नहीं ले रहा है, जिसके कारण लोग फ्लैट में तो रह रहे हैं लेकिन मकान पक्के तौर पर उनका अभी भी नहीं है। इसके अलावा लोगों को बिल्डर मूलभूत सुविधाएं भी नहीं देने को राजी है। आज करीब 400 प्रदर्शनकारियों ने स्काईटेक मैटरॉट बिल्डर की इस मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में लगभग 100 महिलाएं थीं और बच्चे हाथों से बने कार्टूनों लेकर इस प्रदर्शन में मौजूद थे।

एक फ्लैट खरीदार ने बताया कि करीब 1000 लोग इस सोसाइटी में रह रहे हैं लेकिन किसी के पास भी उसके फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं है जबकि बिल्डर पजेशन से पहले ही स्टैंप ड्यूटी का पैसा ले चुका है। उन्होंने कहा कि बिल्डर मेंटेनेंस के नाम पर 2.35 प्रतिवर्गमीटर की दर से वसूल रहा है जो दर आसपास की सोसाइटी से काफी ज्यादा है। यही नहीं इन फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को न तो पार्किंग की सुविधा मिली है बल्कि फ्लैट् की लिफ्ट और अन्य सुविधाएं भी ठीक से मुहैया नहीं कराई जा रही हैं।

बर्बरता की इंतेहा तो यह है कि यहां कि बिल्डर फ्लैट-कैंपस में आने वाले हर किसी से फिर वो चाहे क्लीनर हो, स्वीपर हो, धोबी और घरेलू कर्मचारी हर किसी से एंट्री फीस वसूली जा रही है। इसकी वजह से ये सभी लोग फ्लैट्स में रहने वाले लोगों से भी ज्यादा पैसा मांग रहे हैं।  

वहीं एक निवासी का यह भी कहना है कि जब भी वो इन चीजों की शिकायत करने की बात कहते हैं तो अथॉरिटी घरों की बिजली और पानी का कनेक्शन काट देता है। जब बिल्डर से इसे ठीक करने को कहा जाता है तो वह दो-तीन का बहाना मारकर इसे टाल देता है। इससे परेशान लोगों ने आज प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है न तो बिल्डर सुन रहा है और न ही अथॉरिटी इस पर कोई कार्यवाही कर रही है। 

Latest India News