हैदराबाद: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने सोमवार को कहा कि भारत को प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मामले में चीन के बराबर पहुंचने के लिए अभी काफी लंबा रास्ता तय करना है। उन्होंने कहा कि चीन के बराबर पहुंचने के लिए देश को कई वर्ष तक मजबूत वृद्धि दर हासिल करने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण की कीमत पर अर्थव्यवस्था के विस्तार के प्रति आगाह भी किया है।
उन्होंने बताया कि चीन का प्रति व्यक्ति जीडीपी भारत से चार गुना है। राजन ने कहा, मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि कुछ वर्षों की वृद्धि से मदद नहीं मिलने वाली। इन कुछ साल बाद हमारी वृद्धि काफी धीमी हो जाएगी। हमें सतत वृद्धि की जरूरत है। इसके लिए प्रणाली होनी चाहिए, हमें वृद्धि के अलावा वृहद स्थिरता की भी जरूरत है। राजन यहां राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान में परिचर्चा में भाग ले रहे थे।
वार्षिक राष्ट्रीय आय तथा सकल घरेलू उत्पाद के 2015-16 के तिमाही अनुमान के अनुसार अभी मौजूदा मूल्य पर देश में प्रति व्यक्ति आय 93,293 रुपए है। राजन ने कहा कि भारत पर राष्ट्रीय कर्ज जीडीपी के 50 प्रतिशत के बराबर है जो चीन जैसे कुछ उभरते बाजारों की तुलना में काफी कम है। चीन में यह अनुपात 150 प्रतिशत तक है।
गवर्नर ने इसके साथ ही कहा कि वृद्धि पर्यावरण की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, क्या जीडीपी के आंकड़े ही यह कहने के लिए पर्याप्त नहीं हैं कि हम विकसित हो चुके हैं...निश्चित रूप से नहीं। यह अच्छा होगा कि यदि हम उनके प्रति व्यक्ति जीडीपी के स्तर पर पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाए पहुंचे। जैसा चीन के कुछ हिस्सों में हुआ है, भारत के कुछ हिस्सों में भी हो रहा है।
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