नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों को दी गई उम्रकैद की सजा का बरकरार रखा है।
केंद्र सरकार ने राजीव गांधी के हत्यारों को उम्रकैद की बजाए फांसी देने के लिए क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल किया था, जिसे शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया। राजीव गांधी की हत्या में शामिल तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
केंद्र सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल कर राजीव गांधी के हत्यारों को माफी देकर जेल से रिहा किए जाने का विरोध किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने 18 फरवरी 2014 को राजीव गांधी हत्याकांड में मौत की सजा पाए तीन मुजरिमों संथन, मुरुगन और पेरारिवलन की सजा को आजीवन कैद में बदल दी थी।
तीनों ने दया याचिकाओं के निबटारे में देरी के आधार पर मौत की सजा को उम्र कैद में तब्दील करने का अनुरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इसका विरोध कर रही केंद्र सरकार के तमाम तर्कों को खारिज करते हुए उन्हें यह राहत दी थी।
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