लखनऊ: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को राजधानी लखनऊ में कहा कि दुनिया को आतंकवाद से मुक्ति तालीम ही दिला सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज भले ही पूरी दुनिया में आतंकवाद व उग्रवाद की चर्चा हो, लेकिन भारत में इस्लामिलक स्टेट (IS) का खतरा नहीं है। राजनाथ सिंह रविवार को राजधानी स्थित कन्वेंशन सेंटर में 'तालीम की ताकत' विषय पर आयोजित सेमिनार में अपने विचार प्रकट कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह हिन्दुस्तान के तालीम (शिक्षा) की ही ताकत है कि यहां का मुस्लिम परिवार भी अपने लड़के को आईएस में जाने से रोकता है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि जब तक हिन्दुस्तान के हर इंसान को तालीम नहीं मिल जाती, तब तक देश विकास के रास्ते पर आगे नहीं बढ़ सकता। तालीम से मात्र एक व्यक्ति का विकास नहीं होता, बल्कि इससे पूरे परिवार, समाज व देश का भी विकास होता है।
राजनाथ ने कहा कि जब दुनिया में कैम्ब्रिज और हार्वर्ड जैसे विश्वविद्यालयों की नींव नहीं पड़ी थी, उस समय भारत में नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय थे। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान की तालीम और तहजीब का ही करिश्मा है कि इस्लाम के 72 फिरके सिर्फ भारत में ही हैं। दुनिया में कहीं और इतने फिरके नहीं मिलेंगे। ऐसे में हिन्दुस्तान की तहजीब को बचाकर रखना हमारी जिम्मेदारी है।
राजनाथ ने कहा, "अगर हम अपनी तहजीब को बचाकर रख सके तो भारत को धनवान, बलवान और ज्ञानवान देश बनने से कोई रोक नहीं सकता।" मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय के कुलपति जफर सरेशवाला ने इस अवसर पर मुस्लिम युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे सरकार के साथ जुड़कर योजनाओं का लाभ लें।
सरेशवाला ने कहा कि इस पहल के पीछे एक मात्र एजेंडा अलग-अलग समुदायों, खास तौर से मुस्लिम समुदाय को शिक्षा के माध्यम से ज्ञान और कौशल प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है, क्योंकि यह विकास के लिए आवश्यक है। साथ ही सामाजिक और आर्थिक बदलाव के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।
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