पटना: लोजपा प्रमुख और केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने रविवार को यहां बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग दोहराते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड चुकी है जिसको बयान करने के लिए उनके पास शब्द नहीं है।
पटना स्थित लोजपा के प्रदेश कार्यालय में रविवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान रामविलास ने पूर्व में दो अभियंताओं, भाजपा और लोजपा के एक-एक नेता, तीन पुलिस अधिकारियों, किसलय, आदित्य और राजदेव तथा शनिवार को बक्सर में ट्रेन में एक जवान की हत्या की चर्चा करते हुए कहा कि बिहार में आमजन पर जारी हमले के साथ अब देश के चौथे खंभे पर भी हमला शुरू हो गया है।
उन्होंने बिहार में महागठबंधन (जदयू-राजद-कांग्रेस) शासनकाल के दौरान अब कानून व्यवस्था और सरकार नाम की कोई चीज नहीं बचे नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में इस प्रदेश में विधि व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई है उसे बयान करने के लिए उनके पास शब्द नहीं है क्योंकि यहां जंगलराज अथवा राक्षसराज से भी बुरी स्थिति है।
रामविलास ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बिहार में घट रही आपराधिक घटनाओं के प्रति संवेदनहीन होने का आरोप लगाते हुए उन पर मुद्दाविहीन (शराबबंदी और वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के पूर्व गैर भाजपायी दलों को एकजुट करने) का आरोप लगाया और इसे नक्कारखाने में तूती की आवाज की संग्या दी।
पासवान ने शराबबंदी को लेकर नीतीश के अन्य प्रदेश के भ्रमण पर कटाक्ष करते हुए इसे 70 चूहा खाके बिल्ली चली हज को चली की संज्ञा देते हुए कहा कि न तो वे जेपी (जयप्रकाश नारायण) हैं, न ही विनोबा भावे हैं। ऐसे में उनके शराबबंदी को लेकर घूम-घूमकर दिए जा रहे प्रवचन को कौन सुनने वाला है।
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