पणजी: गुजरात के आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे यौन उत्पीड़न और अपराध के मामलों से निपटने के लिए 'अनूठा' तरीका निकाला है। उनका कहना है कि सत्संग में भाग लेने वाले लोगों को ज्ञान की प्राप्ति हो जाती है। इसलिए वे यौन उत्पीड़न जैसी वारदातों में शामिल नहीं होते।
मारोरी बापू इन दिनों प्रवचन देने के लिए गोवा पहुंचे हुए हैं। यहां बुधवार रात मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि मतदाता अपने सांसदों से पूछें कि महिला आरक्षण विधेयक क्यों लंबित पड़ा है? साथ ही सांसदों पर इसे जल्द पारित करने के लिए दबाव बनाया जाना चाहिए।
यह पूछने पर कि क्या लोगों के सत्संग में भाग लेने से देश में यौन उत्पीड़न के मामलों में कमी आ सकती है, मोरारी बापू ने कहा, 'जहां तक मैं समझता हूं, यौन उत्पीड़न उन लोगों द्वारा नहीं किया जाता, जो सत्संग में भाग लेते हैं। सत्संग एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव है।'
इससे पहले आसाराम भी रेप से बचाव के लिए अपनी सलाह दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर लड़की रेपिस्ट को भाई कहे तो वे उसका रेप नहीं करेंगे।
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