नई दिल्ली: अनिल अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस आज अपनी वायरलेस दूरसंचार कारोबार का छोटी प्रतिद्वंद्वी एयरसेल के साथ विलय पर आज सहमति जतायी। इस विलय से देश की चौथी सबसे बड़ी दूरंसचार इकाई सृजित होगी जिसके संपत्ति 65,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी।
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अब तक का सबसे बड़ी एकीकरण
यह देश के दूरसंचार क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ी एकीकरण है। आर कॉम तथा एयरसेल की बहुलांश हिस्सेदारर मलेशिया की मैक्सिस कम्युनिकेशंस बर्हाड (एमसीबी) ने अपने भारतीय वायरलेस कारोबार के विलय के लिये दस्तावेजों पर हस्ताक्षर की आज घोषणा की।
अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले एडीएजी समूह की आरकॉम और मलेशिया की मैक्सिस कम्युनिकेशंस बेर्हाड की इस साझा इकाई में दोनों भागीदारों की आधे-आधे की हिस्सेदारी होगी। दोनों कंपनियों की निदेशक मंडल तथा समितियों में समान भागीदारी होगी।
यह होगी देश की चौथी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी
दोनों कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा, आरकॉम-एयरसेल विलय से मजबूत कंपनी सृजित होगी जो 12 सर्किल में ग्राहक तथा आय के आधार पर देश की चौथी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी होगी।
आरकॉम 11 करोड़ ग्राहकों के साथ देश का चौथा सबसे बड़ा दूरसंचार परिचालक है। वहीं एयरसेल 8.4 करोड़ ग्राहकों के साथ पांचवें स्थान पर है। आरकॉम की बाजार हिस्सेदारी 9.8 प्रतिशत जबकि एसरेसल की 8.5 प्रतिशत है। इससे पहले, सिस्तेमा का आरकॉम में विलय हुआ था जिसकी हिस्सेदारी 0.7 प्रतिशत थी।
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