नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास का नारा तब तक फलीभूत नहीं होगा जब तक विशेष रूप से सक्षम लोगों समेत समाज के सभी वर्गों को इसमें शामिल नहीं किया जाता।
पीएम मोदी गुरुवार को सुगम्य भारत अभियान शुरू करने और विकलांग जनों को सशक्तीकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करने के लिए आयोजित समारोह में शामिल नहीं हो सके लेकिन उनकी अनुपस्थिति में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उनका संदेश पढ़ा।
पढ़िए पीएम मोदी ने विकलांग साथियों से क्या कहा-
यहां एकत्रित मेरे सभी साथियो
विकलांगजन शक्तिकरण की राह पर चलने वाले मेरे सहयोगियो। मुझे खेद है कि मैं इस समय आप सबके साथ नहीं हूं। आप सभी जानते हैं कि तमिलनाडु एवं चेन्नई शहर में निरन्तर बरसात के कारण किस तरह की आपदा आई हुई है। इस समय यह बहुत ही जरूरी है कि मैं स्वयं चेन्नई जाकर इस स्थिति का जायजा लूं। इसलिए, आज इस महत्वपूर्ण समय में आपके साथ स्वयं उपस्थित नहीं हो पाया। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मैं मानसिक रूप से पूरी तरह आपके साथ हूं। विकलांगता मानव जीवन की एक अवस्था है। हममें से हर एक व्यक्ति जीवन के कुछ अंतराल में अस्थायी रूप से ही सही विकलांगता का अनुभव कर चुका है। विशेषकर, जो व्यक्ति वृद्धावस्था तक पहुंचने का सौभाग्य रखते हैं उनकी किसी न किसी विकलांगता का सामना करने की संभावना बढ़ जाती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए, मैं आज यहां सभी उपस्थित साथियों को बधाई दे रहा हूं कि आज हम ‘सुगम्य भारत अभियान’ का शुभारंभ कर रहे हैं।
यह अभियान सच्चे अर्थें में विकलांगजनों के लिए फिजिकल अथवा वर्चुअल सभी तरह की अधोसंरचना को परिवर्तित कर उसे सुगम्य एवं समावेषी बनाने का लक्ष्य रखता है। यह अभियान सच्चे अर्थों में विकलांग भाईबहनों के लिए समान अधिकार एवं बराबर की भागीदारी का मार्ग प्रशस्त करेगा। हमारे विकलांग भाईबहन सच्चे अर्थेां में सशक्त हो सकेंगे। सार्वजनिक भवनों, परिवहन तथा सूचना प्रौद्योगिकी को इतने व्यापक पैमाने पर सुगम्य बनाने का लक्ष्य अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसलिए मेरा आह्वान है कि सभी केन्द्रीय मंत्रालय विभाग तथा राज्य सरकारें सक्रिय रूप से आगे आकर इस अभियान को सफल बनाने में भूमिका निभाएं।
सुगम्य भारत अभियान का सबसे महत्वपूर्ण और अच्छा हिस्सा यह है कि इससे होने वाले परिवर्तन समाज के अन्य लोगों के लिए भी लाभदायक है। यदि भवन एवं आवागमन के माध्यम सुगम्य हो जाते हैं तो हमारे वृद्ध नागरिक, गर्भवती बहिनें तथा छोटे बच्चों के लिए भी यह सुविधाएं महत्वपूर्ण रोल अदा करेगी। एक सुगम्य भवन निश्चित ही अधिक सुरक्षित और अधिक स्वच्छ भवन होगा। कॉरपोरेट वर्ल्ड के साथियों से मेरा आह्वान है कि उन्हें भी सक्रिय रूप से आगे आकर अपने भवनों, परिवहन प्रणाली तथा सूचना प्रौद्योगिकी तंत्र को शीघ्र ही सुगम्य बनाना चाहिए। मैं यह भी चाहता हूँ कि स्मार्ट सिटीज मिशन में सुगम्यता अभिन्न रूप से शामिल की जानी चाहिए। मैं, आज यहां सभी पुरस्कार विजेताओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। आप आगे भी इसी तरह से निरंतर बढ़ते रहेंगे।
Latest India News