नई दिल्ली: काफी दिनों से बचते आ रहे पूर्व मीडिया दिग्गज पीटर मुखर्जी को शीना बोरा मर्डर केस में गुरुवार शाम सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। आखिर इतने बड़े हाईप्रोफाइल केस में पीटर मुखर्जी की गिरफ्तारी कैसे संभव हुई इसके 10 कारण हैं। गौरतलब है कि इंद्राणी के पहले विवाह से पैदा शीना (25) की 24 अप्रैल 2012 को हत्या कर उसका शव अगले दिन महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के एक जंगल में ठिकाने लगा दिया गया था।
ये रहे अहम कारण
- पीटर ने पहले मुम्बई पुलिस और बाद में सी बी आई को यही कहा की उन्हें नहीं पता शीना बोरा कहा है,या उसकी हत्या कर दी गई, लेकिन Circumstantial Evidence से ये हिंट मिले कि पीटर को 2012 में ही ये पता चल गया होगा कि शीना की हत्या इन्द्राणी ने की और उन्हें यह साजिश भी पता चल गई होगी, लेकिन फिर भी पीटर ने ये बात पुलिस को बता कर इसकी जांच नहीं करवाई।
- सीबीआई ने पीटर और इन्द्राणी के 2012 से 2015 तक के कम्पनियों के फिनान्सिअल ट्रांजेक्शन की डिटेल्स निकाली जिस से ये साफ हुआ की पीटर और इन्द्राणी ने शीना की हत्या के बाद काफी आर्थिक गड़बड़िया की और विदेशों में कुछ कम्पनियों में इंडिया की कम्पनियों का पैसा ट्रांसफर किया। इसमें कुछ कंपनी में शीना के शेयर भी थे जिसे ट्रांसफर किया गया जो ये शक पैदा करता है की क्यों पीटर ने शीना से इस बारे में बात करने या उसका कंसेंट लेने की जरुरत समझी, क्यों बिना शीना की मौजूदगी के इन्द्राणी के कहने पर शीना के आर्थिक व्यवहार को खुद कर लिया। सीबीआई ने इस मामले में पीटर और इन्द्राणी की कम्पनियों से जुड़े कुछ सी ए, फिनान्सिअल एक्सपर्ट और अधिकारियों के भी बयान लिए हैं।
- पीटर की गिरफ्तारी की एक और वजह भायखला जेल में लिया गया इन्द्राणी का वो बयान भी था जिसमें इन्द्राणी ने हिंट दिया की पीटर को भी पता है..उनसे क्यों नहीं पूछते? क्यों मैं ही परेशान रहूं? इसके बाद सीबीआई ने इन्द्राणी के बयान के बाद पीटर का बयान लिया जिससे पीटर विचलित हो गए और इन्द्राणी पर उनसे बदला लेने का आरोप लगाने लगे। इसके बाद सीबीआई ने इसी लाइन पर कुछ एविडेंस भी जुटा लिए।
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