नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को गौरक्षकों का बचाव करते हुए कहा कि ये कानून के तहत ही काम करते हैं। भगवत ने आरएसएस के 91वें स्थापना दिवस पर वार्षिक संबोधन के दौरान कहा, "कुछ लोग हैं जो गौरक्षा के प्रति समर्पित हैं। यह राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों का हिस्सा है।"
उन्होंने कहा, "गौरक्षक कानून के तहत काम करते हैं जो लोग कानून का उल्लंघन करते हैं उन्हें गौरक्षकों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।"
कश्मीर में अलगाववादी ताकतों को उकसा रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान पर जम्मू एवं कश्मीर में अलगाववादी ताकतों को उकसाने का आरोप लगाते हुए हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। भागवत ने आरएसएस के 91वें स्थापना दिवस के वार्षिक संबोधन के दौरान कहा, "पाकिस्तान, कश्मीर में अलगाववादी ताकतों को प्रोत्साहित कर रहा है।"
भागवत ने यह दोहराते हुए कहा, "मीरपुर, मुजफ्फराबाद और गिलगित-बाल्टिस्तान सहित पूरा कश्मीर हमारा है। कश्मीर का एक बड़ा भाग तनाव मुक्त है। हमें हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।"
कुछ लोग छोटे मुद्दों को बड़ा बना रहे हैं
भागवत ने छोटी घटनाओं को बड़ा बनाने को लेकर विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा और लोगों से ऐसी ताकतों से सतर्क रहने का आग्रह किया। उन्होंने वार्षिक भाषण में कहा, "आजकल छोटी घटनाओं को बड़ा बनाया जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "(वे)कांटे को नासूर बनाने का काम कर रहे हैं। कुछ लोग एकजुट नहीं होना चाहते और "हमें सभी लोगों को ऐसी ताकतों से सतर्क करने की जरूरत है। हमें समाज को इस प्रथा के प्रति जागरुक करने की जरूरत है, ताकि वे उसका शिकार न बनें।"
केशव बलिराम हेडगेवार ने सितंबर 1925 में आरएसएस की स्थापना की थी। हर वर्ष विजयदशमी के दिन संघ का स्थापना दिवस मनाया जाता है।
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