नयी दिल्ली: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा एक रूसी महिला से संबंधित मामले में मदद मांगने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मामले का समाधान कर दिया। रूसी महिला ने आगरा में रहने वाले अपने ससुरालवालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था।
रूसी महिला ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उसने उल्लेख किया कि वह अपनी सास के घर के बाहर प्रदर्शन कर रही है जो भारतीय है । उसने अपनी सास पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। संदेश देखने के बाद सुषमा ने अखिलेश से आग्रह करते हुए ट्वीट किया कि वह इसमें मदद करें। इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उन्हें सूचित किया कि मामला सुलझा लिया गया है। सुषमा ने बाद में अखिलेश को धन्यवाद देते हुए ट्वीट किया । उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, इसके समाधान के लिए धन्यवाद अखिलेश जी। इस तरह की घटनाएं देश की छवि पर असर डालती हैं।
आगरा में रूस की रहने वाली ओल्गा अपने छोटे से बेटे के साथ ससुराल की चौखट पर धरने पर बैठी थी। उसका आरोप था कि सास और ससुराल वाले उससे 10 लाख रुपए दहेज मांग रहे थे। उसेने पूरा मामला सोशल मीडिया पर डाल दिया जिसका विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संज्ञान लिया है।
5 साल पहले हुई थी शादी
रूस की ओल्गा एफिमेंकोव की शादी साल 2011 में न्यू आगरा इंद्रपुरी निवासी विक्रांत चंदेल से हुई थी। शादी के बाद वह आगरा आ गई और बाद में गोवा चली गई। एक महीने बाद गोवा से लौटने पर सास ने उसे घर में रहने नहीं दे दिया और पति सहित घर से बाहर कर दिया। उसका आरोप है कि ससुरालवाले दहेज के नाम पर उससे 10 लाख रुपये मांग रहे हैं। जब उसके पति विक्रांत ने इस बारे में बात करनी चाही, तो ससुरालवालों ने बात करने से मना कर दिया। ऐसे में न्याय के लिए वह पति और बेटे के साथ धरने पर बैठ गई।
सास का दावा, कहा प्रॉपर्टी बेटी को दान की
उधर, ओल्गा की सास निर्मला का कहना है कि उसने अपनी पूरी प्रॉपर्टी अपनी बेटी के नाम कर दी है। वह मकान के सिर्फ एक कमरे में रहती है, बाकी के हिस्से में बेटी स्कूल चलाती है। वह जब तक चाहे घर में रह सकती है। निर्मला का कहना है कि उसने पहले ही बेटे-बहू को 11 लाख रुपये दे दिए थे और उस पर दहेज मांगने का आरोप झूठा है।
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