नई दिल्ली: क्रिकेट में मास्टर ब्लास्टर के नाम से पहचाने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने उच्च सदन में सवाल पूछा कि क्या सरकार ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को सख्त बनाने का इरादा रखती है ताकि जाली लाइसेंस जारी करने पर रोक लगे। उनको अपने सवाल के लिए लिखित उत्तर भी प्राप्त हुआ।
क्रिकेट के मास्टर ब्लास्टर के सवाल पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री पोन राधाकृष्णन ने कहा कि प्रस्तावित नये मोटर वाहन कानून के तहत सरकार ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सख्त बनाने का प्रस्ताव करती है ताकि जाली लाइसेंस पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि विधेयक में एकीकृत बायोमीट्रिक प्रणाली अपनाना प्रस्तावित है।
राधाकृष्णन ने कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय मोटरयान अधिनियम, 1988 को एक नये विधेयक सड़क परिवहन और सुरक्षा विधेयक 2015 से बदलने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है जिसमें अन्य बातों के साथ साथ देश में कुशल और सुरक्षित परिवहन प्रणालियां सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकीय कार्यकलापों और सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों को बेहतर बनायेगा।
उन्होंने कहा, विधेयक में एकीकृत ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली प्रस्तावित है जिसमें ड्राइविंग लाइसेंसिंग प्रणाली के लिए सरलीकृत आवेदन और जारी करने की प्रक्रियाओं, ड्राइविंग टेस्टिंग प्रणाली के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाने की परिकल्पना की गई है। उन्होंने कहा कि लाइसेंस के दोहरीकरण से बचने के लिए एकीकृत बायोमीट्रिक प्रणाली अपनाना प्रस्तावित है।
इससे पहले पिछले कुछ सत्रों से सदन में अनुपस्थित रहने के लिए विपक्ष के निशाने पर रहे तेंदुलकर ने बजट सत्र में अनुपस्थित रहने के लिए छुट्टियां मांगी थी जो सदस्यों के भारी विरोधक के बीच उन्हें प्रदान कर दी गई। दलों की सीमाओं से उठकर सदस्यों ने उनकी लंबी अनुपस्थिति को सदन और राष्ट्र का अपमान करार दिया था और उनसे इस बारे में विवरण पूछे जाने की मांग हुई थी।
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