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Hindi News भारत राष्ट्रीय साईं बाबा जन्मस्थल विवाद: दुकानें, भोजनालय, स्थानीय परिवहन सेवाएं बंद, सीएम ठाकरे ने बुलाई बैठक

साईं बाबा जन्मस्थल विवाद: दुकानें, भोजनालय, स्थानीय परिवहन सेवाएं बंद, सीएम ठाकरे ने बुलाई बैठक

साईं बाबा के जन्मस्थल को लेकर चल रहे विवाद के बीच महाराष्ट्र के शिरडी में दुकानें, भोजनालय एवं विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और वाहन भी सड़कों से नदारद रहें। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस मामले पर सोमवार को राज्य सचिवालय में एक बैठक भी बुलाई है।

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शिरडी: साईं बाबा के जन्मस्थल को लेकर चल रहे विवाद के बीच महाराष्ट्र के शिरडी में दुकानें, भोजनालय एवं विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और वाहन भी सड़कों से नदारद रहें। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस मामले पर सोमवार को राज्य सचिवालय में एक बैठक भी बुलाई है। मंदिर न्यास और अहमदनगर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि बंद आधीरात को शुरू हुआ लेकिन शिरडी का साई मंदिर खुला रहा और श्रद्धालुओं ने वहां पूजा-अर्चना की। 

अधिकारियों के अनुसार, शिरडी मंदिर के ‘प्रसादालय’ और ‘लड्डू’ बिक्री के केन्द्रों पर लंबी कतारें दिखीं। स्थानीय भाजपा पदाधिकारी सचिन तांबे पाटिल ने बंद को ‘‘सफल’’ करार दते हुए कहा, ‘‘ व्यावसायिक प्रतिष्ठान, दुकानें, भोजनालय और स्थानीय परिवहन सेवाएं बंद रहीं और शहर सहित शिरडी के आसपास 25 गांवों में पूरी तरह बंद रहा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मंदिर खुला है और श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने के लिए आ रहे हैं।’’ 

उन्होंने बताया कि रविवार को यहां एक रैली का आयोजन किया गया है। जिला प्रशासन अधिकारी ने बताया कि पहले से होटल बुक करने वाले श्रद्धालुओं को वहां रहने की अनुमति है और हवाई अड्डे से मंदिर तक टैक्सी सेवाएं भी सामान्य हैं। उन्होंने बताया कि अन्य स्थानों से आने वाली राज्य परिवहन बसों को भी शहर में आने की अनुमति है। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एवं स्थानीय भाजपा विधायक राधाकृष्ण विखे पाटिल ने शनिवार को कहा था कि वह बंद के आह्वान का समर्थन कर रहे हैं। 

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के परभणी जिले के पाथरी में साई बाबा जन्मस्थान पर सुविधाओं का विकास करने के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने की घोषणा के बाद यह विवाद उत्पन्न हुआ। शिरडी के स्थानीय लोगों एवं नेताओं ने पाथरी को साईबाबा का जन्म स्थान बताने पर आपत्ति जताई और दावा किया कि उनका जन्मस्थान और उनका धर्म अज्ञात है। वे ठाकरे से अपना आधिकारिक बयान वापस लेने की मांग कर रहे हैं। 

इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक इस मुद्दे को सुलझाने के लिए ठाकरे सभी संबंधित पक्षों के साथ राज्य सचिवालय में सोमवार को बैठक करेंगे।

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