नई दिल्ली: पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह पर परोक्ष हमला करते हुए एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने सोमवार को विधानसभा में मिली चुनावी पराजय के मद्देनजर कास्मेटिक सर्जरी की जरूरत को सही नहीं ठहराया। कांग्रेस ने भी इस प्रकार के सुझावों पर चुप रहने के आदेश दिए जाने की बात को खारिज किया लेकिन कहा कि ये सुझाव केवल नेतृत्व के मुद्दे पर केंद्रित नहीं होने चाहिए। कांग्रेस में आमूलचूल परिवर्तन की मांगों के बीच राज्यसभा सदस्य सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा कि पार्टी को दिल के आपरेशन की जरूरत है और कास्मेटिक सर्जरी से काम नहीं चलेगा।
संगठन में बड़ी सर्जरी की वकालत करने वाले दिग्विजय सिंह को निशाने पर लेते हुए चतुर्वेदी ने कहा, जो लोग सर्जरी की जरूरत की बात कर रहे हैं उन्हें आत्मचिंतन करना चाहिए क्योंकि उन्हीं लोगों के कारण पार्टी ऐसे मोड़ पर पहुंची है। पूर्व पार्टी प्रवक्ता चतुर्वेदी मध्य प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं जो सिंह का भी गृह प्रदेश है। उन्हें सिंह का कटु आलोचक माना जाता है। जिन राज्यों में पार्टी हारी है उन राज्यों के नेताओं को परोक्ष रूप से निशाने पर लेते हुए सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा, दिल की सर्जरी जरूरी है। पार्टी को उन लोगों के बारे में सोचना होगा जिनकी कमान में पार्टी को ऐसी हार का दिन देखना पड़ा।
कांग्रेस की ब्रीफिंग में पार्टी प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी से संगठन में बदलाव के मुद्दे और इस संबंध में उनके समेत कई नेताओं के बयानों को लेकर सवाल जवाब किए गए। उन्होंने इस अवधारणा को खारिज किया कि पार्टी में सुधार के सुझाव संगठन के हितों के खिलाफ हैं। सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी सुझाव के खिलाफ कोई चुप रहने का आदेश नहीं दिया गया है बशर्ते वे केवल नेतृत्व पर ही केंद्रित नहीं हों और पार्टी को अस्थिर करना उनका मकसद नहीं हो। पार्टी प्रवक्ता का बयान इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि दो दिन पहले ही एक अन्य पार्टी प्रवक्ता पी सी चाको ने कहा था कि सिंह को ये सुझाव पार्टी मंच पर देने चाहिए थे।
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