नई दिल्ली: सुप्रिम कोर्ट ने सोमवार को बिहार, उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश में नील गाय, जंगली सुअर तथा बंदरों को मारने से संबंधित केंद्र सरकार की अधिसूचना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने हालांकि इस संबंध में याचिका दायर करने वाले एक पशु अधिकार कार्यकर्ता और दो अन्य संगठनों को अधिसूचना की 'खामियों' के संबंध में केंद्र सरकार से संपर्क करने की अनुमति दी है।
सुप्रिम कोर्ट के न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति ए.एम. खानविल्कर की अवकाश पीठ ने केंद्र सरकार से भी कहा कि वह दो सप्ताह के भीतर शिकायतों पर जवाब दे। इसके साथ ही न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 जुलाई की तिथि निश्चित की है।
याचिकाकर्ताओं से इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से संपर्क करने को कहते हुए न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उक्त तीनों प्रजाति के जानवरों को जंगली क्षेत्र में मारा नहीं जाएगा।
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