नई दिल्ली: दिल्ली स्थित 17वीं शताब्दी के स्मारक लाल किला और इसके आस पास के इलाकों में आसमान से लेकर जमीन तक अभूतपूर्व सुरक्षा घेरा लगाया गया है, जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 70वें स्वतंत्रता दिवस पर कल देश को संबोधित करेंगे। इसके साथ-साथ समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ऐतिहासिक मुगल किले एवं इसके ईद-गिर्द सुरक्षा चाक-चौबंद सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस के 5,000 कर्मियों सहित हजारों सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। इस आयोजन में वरिष्ठ मंत्री, शीर्ष नौकरशाह, विदेशी गणमान्य व्यक्ति और आम लोग उपस्थित रहेंगे।
राजपथ के आसपास भी बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां सात दिन तक चलने वाला सांस्कृतिक महोत्सव भारत पर्व चल रहा है। स्वतंत्रता दिवस के इस मौके पर सूर्यास्त के बाद नॉर्थ ब्लॉक एवं साउथ ब्लॉक सहित सभी सरकारी भवनों में रोशनी जगमगा रही है। उन्होंने बताया कि लाल किले पर एनएसजी स्नाइपर्स एवं कमांडो का एक विशेष दल सुरक्षा घेरे की भीतरी स्तर का निर्माण करेगा, जबकि ड्रोन एवं प्रोजैक्टाइल जैसे किसी भी हवाई घुसपैठ को रोकने के लिए विमान भेदी तोपों को तैनात किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने पहले से ही समूचे शहर में 10 अक्टूबर तक हवाई गतिविधियों पर रोक लगा रखी है, जिनमें पैराग्लाडिंग, यूएवी उड़ान एवं हॉट एयर बैलून शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री के रहने तक लाल किले के आस पास के मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश एवं निर्गम मार्गों को बंद रखा जाएगा।
इसके अलावा, पुलिस लाल किला के आस पास मौजूद इलाकों में सर्वेक्षण कर रही है और उन्होंने वहां रह रहे 9,000 से अधिक लोगों की विस्तृत जानकारी एकत्रित की है।
लाल किला के सामने मौजूद इमारतों को पुलिस और अर्धसैनिक बलों से सुरक्षित किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि लाल किला के सामने नजर आने वाली 605 बालकनियों और 104 खिड़कियों पर करीब से नजर रखने के लिए विहंगम फोटोग्राफी का इस्तेमाल किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में ऐसे 3,000 से अधिक पेड़ों को भी चिह्नित किया है।
लाल किले में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन पर करीब से नजर रखने के लिए सेना और एनएसजी अधिकारी एक विशेष संचार और कमान सेंटर चलाएंगे। उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री के लोगों से मुलाकात को देखते हुए ऐसी अचानक पैदा होने वाली स्थितियों से निपटने के लिए भी विशेष उपाय किए जाएंगे।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री इससे पहले भी ऐसा दो बार कर चुके हैं। सात आरसीआर से लाल किला तक प्रधानमंत्री के काफिला के आने के मार्ग में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की मदद से सुरक्षा निगरानी रखी जाएगी।
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