नई दिल्ली: राजनीति और सिस्टम (लोकतंत्र या तानाशाही) में विरोध जायज है और यही विरोध तरह तरह के स्वरूपों में हमारे सामने आता रहता है। हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ऊपर एक लड़की ने स्याही फेंकने की कोशिश की जिसे आम आदमी पार्टी ने भाजपा की साजिश बताया। अगर आप के दावे के इतर बात करें तो यह भी एक तरह का विरोध था जिसने किसी बड़े घोटाले का खुलासा करने के एवज में ‘स्याही हमले’ का सहारा लिया। स्याही हमला भारतीय राजनीति में कोई नया किस्सा नहीं है। पहले भी हमारे नेता इस हमले का दंश झेलते रहे हैं। इतना ही नहीं कई नेताओं पर जूता उछाले जाने की घटनाएं भी हुई हैं। आज हम आपको अपनी खबर में यह बताएंगे कि इतिहास में कब-कब हमारे नेताओं पर जूते उछाले गए और उन पर स्याही फेंकी गई। इसमें भारतीय नेताओं के साथ-साथ वैश्विक नेता भी शुमार हैंं।
जनवरी 2012:
राहुल की सभा में फेंका गया जूता:
राजनीतिक विरोध के लिहाज से यह अन्ना का दौर था। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी देहरादून के विकास नगर में रैली कर रहे थे। राहुल की चुनावी सभा के दौरान ही कुलदीप नाम के एक युवक ने राहुल के मंच पर जूता फेंका। हालांकि जूता राहुल के पास तक नहीं पहुंच पाया। लोगों ने इस व्यक्ति को पकड़कर उसकी पिटाई शुरु कर दी जिस पर राहुल ने कहा कि उसे मारा न जाए। बाद में पुलिस ने इस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।
सोनिया गांधी के पोस्टर पर फेंकी गई स्याही:
जनवरी के ठंड के दिनों में बाबा रामदेव पर स्याही फेके जाने के कुछ दिनों बाद कांग्रेस मुख्यालय पर सोनिया गांधी के पोस्टर पर भी स्याही फेंकी गई।
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