उज्जैन: मध्यप्रदेश के उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ मेले में अव्यवस्थाओं को नाराज साधु-संतों को मनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहुंचे। साधु-संतों ने रविवार को अगला शाही स्नान न करने की चेतावनी दी थी। सिंहस्थ कुंभ में पहल शाही स्नान 22 अप्रैल को हुआ था। परंपरा के मुताबिक सबसे पहले नागा साधु और उसके बाद अखाड़ों के महामंडलेश्वर और महंतों को स्नान करने का मौका दिया जाना चाहिए, मगर उनसे पहले यहां के कई अधिकारियों व नेताओं ने स्नान कर लिया, जिससे साधु समाज नाराज है।
सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम न होने के कारण भी साधु समाज को परेशानी हुई थी। इससे नाराज होकर अखाड़ा परिषद ने व्यवस्थाओं में सुधार न होने पर मेला छोड़ने की चेतावनी दी थी।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि और महामंत्री हरि गिरि की चेतावनी के बाद सरकार हरकत में आई और मुख्यमंत्री चौहान स्वयं सोमवार की शाम उज्जैन पहुंच गए।
चौहान ने अखाड़ों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की तो साधुओं ने अपनी समस्याएं गिना दीं और व्यवस्थाओं की खामियों से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने अखाड़ों के महामंडलेश्वर व महंतों को भरोसा दिलाया कि व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
महंत हरि गिरि ने संवाददाताओं को बताया कि मुख्यमंत्री को सारी समस्याएं बता दी गई हैं, साथ ही उन्हें सचेत किया गया है कि वे लापरवाही कर गलत जानकारी देनेवाले अफसरों से बचें। साथ ही एक-एक अखाड़े में जाकर संतों से चर्चा करें।
Latest India News