नई दिल्ली: उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ का आज दूसरा शाही स्नान है। सुबह 5 बजे से 6 बजे के बीच में शाही स्नान के दौरान सबसे पहले जूना, निरंजनी और आनंद अखाड़े ने लगाई क्षिप्रा नदी में डुबकी लगाई। बताया गया कि अखाड़ों की शोभा यात्रा के दौरान आम लोगों के लिए रास्ते बंद रहेंगे। साथ ही दोपहर 1 बजे के बाद आम लोगों के लिए रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट खुलेंगे।
आज के दिन आकाश मंडल में एक दुर्लभ खगोलीय घटना भी होने वाली है, जिसे पारगमन कहा जाता है। इस तरह यहां आने वाले श्रद्घालु अमृत स्नान के साथ इस दुर्लभ खगोलीय घटना के साक्षी भी बनेंगे।
खास यह कि इस दिन अक्षय तृतीया भी है। दुर्लभ खगोलीय पारगमन घटना तब होती है, जब सूर्य व पृथ्वी के मध्य बुध या शुक्र ग्रह आता है। शासकीय जीवाजी वेधशाला उज्जैन के अधीक्षक डॉ़ राजेन्द्र प्रकाश गुप्ता ने रविवार को कहा कि नौ मई, 2016 को बुध ग्रह सूर्य तथा पृथ्वी के मध्य आ रहा है।
चारधाम की यात्रा भी आज से शुरू
अक्षय तृतीया के मौके पर आज से चारधाम यात्रा की शुरुआत भी हो गई है। आज सुबह 7 बजे दर्शन के लिए केदारनाथ के कपाट खोल दिए गए। साथ ही आज दोपहर 1 बजे तक गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलेंगे।
11 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। 25 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे।
सरकार के अनुसार, दूसरे स्नान के लिए लगभग 25 लाख श्रद्धालु इस प्राचीन शहर में आए हैं। स्नान की शुरूआत जूना अखड़ा के पुजारी हरि गिरी द्वारा रामघाट पर पूजा अर्चना के साथ हुई।
सिंहस्थ मेले में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से लोग इस पवित्र शहर में जुटे हैं। कुंभ के इस मेले का आयोजन हर 12 साल बाद किया जाता है। उज्जैन को देश में मौजूद 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और भगवान महाकालेश्वर का निवास भी माना जाता है।
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