smart city
जानकारों के मुताबिक एक स्मार्ट सिटी वह है जहां बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर हो जो नागरिकों को जीवन के लिए बेहतरीन सुविधाएं मिलें। जहां वातावरण स्वच्छ हो और अगर कोई समस्या आती है तो उसको तुरंत और कारगर तरीके से हल किया जा सके।
राज्यों से मांगे गए नाम-
राज्य सरकारों से कहा गया है कि वो उन नामों को प्रस्तावित करें जिन्हें वो स्मार्ट सिटी बनवाना चाहते हैं या जिनमें स्मार्ट सिटी बनने की क्षमता है। इस काम के लिए राज्यों को 15 दिन का समय दिया गया है।
स्मार्ट सिटी की राज्यवार संख्या-
उत्तर प्रदेश-13, तमिलनाडू-12, महाराष्ट्र-10, मध्यप्रदेश-7, गुजरात-6, कर्नाटक- 6, राजस्थान-4, पश्चिम बंगाल-4, बिहार-3, पंजाब-3, आंध्र प्रदेश-3, हरियाणा-2, छत्तीसगढ़-2, झारखण्ड-1, हिमाचल-1 (संभावित लिस्ट)
(सबसे ज्यादा यूपी और तमिलनाडू में होगी स्मार्ट सिटी)
बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर
पानी और बिजली की 24 घंटे और 7 दिन सुविधा हो, सफाई और कचरा प्रबंधन की सुविधा हो। शहरी परिवहन व्यवस्थित और प्रदूषण रहित हो। आईटी कनेक्टिविटी-ई गर्वनेंस के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता हो।
समस्याएं आएं तो हल तुरंत और सटीक होगा
सूचना तंत्र मजबूत हो, इलेक्ट्रॉनिक सर्विस डिलेवरी हो, सड़कें शानदार होनी चाहिए। पानी बर्बाद नहीं होना चाहिए और वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट की सुविधा होनी चाहिए। ऊर्जा का नवीनीकरण हो और ग्रीन बिल्डिंग्स हों। ट्रैफिक से रिलेटेड सभी समस्याओं का हल सटीक और आसान होना चाहिए।
स्मार्ट सिटी और अमृत योजना में देश के 12 राज्यों की 70 फीसदी हिस्सेदारी है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, 496 में से 225 शहरों को अब तक चुन लिया गया है जबकि शेष शहरों को चुनने की प्रक्रिया जारी है।
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